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सेंधवा में विधायक मोंटू सोलंकी का आरोप, विकास निधि में भेदभाव से वन ग्रामों के कार्य और योजनाएं ठप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा, सिंचाई, सड़क, स्वास्थ्य, ई-पंचायत और रोजगार से जुड़े कई मुद्दे उठाए

जनोदय पंच।  सेंधवा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस विधायक मोंटू सोलंकी ने मोहन सरकार पर विधानसभा क्षेत्र के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने विकास निधि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ई-पंचायत, रोजगार और विभिन्न अधूरी योजनाओं को लेकर कई मुद्दे उठाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर लगाए कई आरोप

सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मोंटू सोलंकी ने सोमवार दोपहर बायपास स्थित एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मोहन सरकार पर क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के विकास संबंधी दावों की वास्तविक स्थिति विधानसभा में पूछे गए सवालों से सामने आती है। विधायक का आरोप था कि भाजपा विधायकों को क्षेत्रीय विकास के लिए निर्धारित 2.5 करोड़ रुपये के बजट के अतिरिक्त 15 करोड़ रुपये का अलग फंड दिया गया, जबकि कांग्रेस विधायकों को केवल पूर्व निर्धारित 2.5 करोड़ रुपये का बजट मिला, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।

सिंचाई, मुआवजा और ग्रामीण योजनाओं पर उठाए सवाल

मोंटू सोलंकी ने रामचंद्र विठ्ठल बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि वन अधिकार क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पाइपलाइन नहीं बिछाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे हर खेत तक नर्मदा का पानी पहुंचाने का दावा पूरा नहीं हो रहा। सोनखेड़ी पंचायत में निर्माणाधीन तालाब से लगभग 49 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आने की बात कहते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वन अधिकार पत्र नहीं होने के कारण अधिकांश किसानों को मुआवजा नहीं मिला और जिन्हें मिला, उन्हें भी कम राशि प्राप्त हुई। रलावती तालाब से 5.5 करोड़ रुपये की लागत से बनी नहरों से भी किसानों को अब तक सिंचाई का लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाया।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क परियोजनाओं का मुद्दा

विधायक ने कहा कि क्षेत्र में 470 से अधिक स्कूल बिना शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर भवन बनने के बावजूद शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के पद रिक्त होने की भी बात कही। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों और मजरों को जोड़ने के लिए भेजे गए लगभग 500 प्रस्तावों में से 150 प्रस्ताव निरस्त किए जाने का भी उल्लेख किया। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 51.51 करोड़ रुपये से चार सड़कों के निर्माण की घोषणा के डेढ़ वर्ष बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। भंवरगढ़ किले में खाज्या नायक स्मारक का कार्य अधूरा होने तथा जी रामजी योजना (मनरेगा) में ग्रामीणों को काम नहीं मिलने की बात भी उन्होंने कही।

ई-पंचायत, मंडी और रोजगार पर भी उठे मुद्दे

मोंटू सोलंकी ने आरोप लगाया कि गांवों में बड़ी पानी की टंकियां और पाइपलाइन तो बिछाई गईं, लेकिन लोगों तक पानी नहीं पहुंचा। स्कूलों और आंगनबाड़ियों में बने वाटरशेड कार्यों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने में करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन ई-पंचायत व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो रही। उन्होंने सेंधवा मंडी की स्थिति, उद्योगों के बंद होने और रोजगार के लिए लोगों के महाराष्ट्र तथा गुजरात पलायन का भी उल्लेख किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री अंतरसिंह आर्य के कार्यकाल का भी जिक्र किया गया। अंत में विधायक ने कहा कि सेंधवा के विकास और जनता के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष विधानसभा से लेकर सड़क तक जारी रहेगा। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र गाडवे, हरचरण सिंह भाटिया, दिलीप काका सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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