डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया, 6 जुलाई तक चलेगा स्मरण पखवाड़ा

बड़वानी:-भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर सोमवार को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाया गया। जिला अध्यक्ष अजय यादव के मार्गदर्शन में बड़वानी जिले के लगभग सभी मंडलों एवं बूथ स्तर तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिला मुख्यालय पर बड़वानी मंडल द्वारा जिला भाजपा कार्यालय में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। स्वागत भाषण मंडल अध्यक्ष शुभम पांडे ने दिया व संचालन दीपक जैमन ने किया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुभाष जोशी, अम्रतलाल अग्रवाल, जिला महामंत्री भागीरथ कुशवाह व मण्डल प्रभारी राजेन्द्र भावसार ने डॉ. मुखर्जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी अखंड भारत के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाने के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। धारा 370 का उन्होंने पुरजोर विरोध किया था। उनका दिया नारा “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” आज भी राष्ट्र की एकता का मंत्र है।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत सिंह पटेल, वरिष्ठ जगदीश मुकाती, पूर्व जिलाध्यक्ष कमलनयन इंगले, जिला उपाध्यक्ष अजय कानूनगो, जिला मंत्री द्वय जितेंद्र निकुम, रविन्द्र कुलकर्णी व अमित शर्मा, भगवतीप्रसाद शिंदे सहित जनप्रतिनिधिगण, जिला व मंडल पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
23 जून से 6 जुलाई तक ‘स्मरण पखवाड़ा’
जिला अध्यक्ष अजय यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष 6 जुलाई को डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती है। उनकी पुण्यतिथि 23 जून से 125वीं जयंती 6 जुलाई तक के समय को पार्टी ‘स्मरण पखवाड़े’ के रूप में मनाएगी।
इस पखवाड़े के दौरान ‘आपातकाल के काले अध्याय’ पर कार्यक्रम आयोजित कर नई पीढ़ी को लोकतंत्र के महत्व से अवगत कराया जाएगा तथा प्राथमिक सदस्यों व बूथ समिति के सदस्यों के लिए डिजिटल माध्यमों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
जिला मीडिया प्रभारी सुनील भावसार ने बताया कि कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय टोली का गठन कर दिया गया है। सभी कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से सम्पन्न करने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के अनेक मंडलों व बूथों पर भी आज श्रद्धासुमन अर्पित कर डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रहित में किए कार्यों को याद किया गया।



