सेंधवा में आशूरा पर निकला पारंपरिक मातमी जुलूस, कर्बला की शहादत की याद में गूंजीं ‘हसन-हुसैन’ की सदाएं
सेंधवा में मातमी जुलूस के बीच मानवता की मिसाल, एम्बुलेंस को रास्ता देने के लिए रोका गया जुलूस सब हेडिंग:

जनोदय पंच। सेंधवा में मोहर्रम की 10वीं तारीख आशूरा पर ईरानी समुदाय ने पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला। अकीदतमंदों ने कर्बला की शहादत की याद में मातम मनाया। जुलूस के दौरान प्रशासन मुस्तैद रहा और भीड़ के बीच फंसी जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को रास्ता देकर समाज के युवाओं ने मानवता का परिचय भी दिया।
आशूरा पर निकला पारंपरिक मातमी जुलूस
सेंधवा में मोहर्रम की 10वीं तारीख यानी आशूरा के अवसर पर शुक्रवार को ईरानी समुदाय ने पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला। इस दौरान समुदाय के लोग काले कपड़े पहनकर ‘हसन-हुसैन’ की सदाएं बुलंद करते हुए छाती पीटकर मातम मनाते नजर आए। जुलूस में शामिल पुरुष वर्ग ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने हुए था, जिसकी बाहों पर ईरान के मीनाब स्कूल में मारे गए बच्चों की स्मृति में “168 MINAB” अंकित था।

निर्धारित मार्ग से निकला जुलूस, उमड़ी भीड़
मातमी जुलूस दोपहर 2 बजे ईरानी कॉलोनी से शुरू होकर देवझिरी, जोगवाड़ा रोड, मौसम चौराहा, फोर्ट गार्डन, किला गेट, पुराना बस स्टैंड और पुराना एबी रोड से होते हुए पुनः ईरानी कॉलोनी पहुंचा। इस दौरान अकीदतमंदों ने जंजीरों और छुरियों से स्वयं को जख्मी कर लहूलुहान अवस्था में मातम मनाया। इस अकीदत भरे दृश्य को देखने के लिए मार्गभर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मौलाना जमन हैदर ने बताई मातम की परंपरा
ईरानी समुदाय के मौलाना जमन हैदर ने बताया कि मोहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही मातम शुरू हो जाता है और 10वीं तारीख यानी आशूरा पर हजरत इमाम हुसैन की कर्बला में हुई शहादत की याद में विशेष मातम मनाया जाता है। उन्होंने अमेरिका के ईरान पर किए गए हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान ने हमेशा शहादत देकर जुल्म का मुकाबला किया है और जहां भी जुल्म होगा, वहां शहादत पेश होती रहेगी।

प्रशासन रहा मुस्तैद, एम्बुलेंस को दिया सुरक्षित रास्ता
जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सेंधवा पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे समय तैनात रही। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीओपी अजय वाघमारे, तहसीलदार राहुल सोलंकी, नायब तहसीलदार सुधीर शर्मा, शहर टीआई दिनेश सिंह कुशवाह और नपा सीएमओ मधु चौधरी अमले के साथ मौजूद रहे। इसी दौरान मुखर्जी चौराहे के आगे एक गर्भवती महिला को सिविल अस्पताल ले जा रही जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस भीड़ में फंस गई। साइरन सुनते ही समाज के युवाओं ने तत्काल जुलूस को एक ओर रोक दिया और एम्बुलेंस को सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता देकर संवेदनशीलता का परिचय दिया।




