सेंधवा में जनशिक्षकों ने जनशिक्षक राजू शिंदे की बहाली की मांग उठाई, कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
जिला शिक्षा केंद्र बड़वानी को ज्ञापन सौंपकर निलंबन वापस लेने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

जनोदय पंच। शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेंधवा के जनशिक्षक राजू शिंदे के निलंबन के विरोध में जनपद शिक्षा केंद्र सेंधवा के 17 जनशिक्षकों ने जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र बड़वानी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तत्काल बहाली की मांग के साथ कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी गई है।
सेंधवा, बड़वानी में शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय के जनशिक्षक राजू शिंदे के निलंबन के विरोध में जनपद शिक्षा केंद्र सेंधवा के 17 जनशिक्षकों ने जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र बड़वानी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से राजू शिंदे की तत्काल बहाली की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि यदि मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो सभी जनशिक्षक सामूहिक इस्तीफा देंगे।
जनशिक्षकों ने जिम्मेदारी को लेकर रखा पक्ष
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 7 जुलाई 2026 को शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेंधवा में छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्राओं को सामान्य चोटें आई थीं। इसके बाद राजू शिंदे को निलंबित कर दिया गया। जनशिक्षकों का कहना है कि संबंधित विद्यालय सीएम राइज संस्था है तथा उसकी प्रशासनिक एवं भवन संबंधी जिम्मेदारी विद्यालय के प्राचार्य और संबंधित अधिकारियों की होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनशिक्षकों का कार्यक्षेत्र कक्षा 1 से 8 तक की शालाओं तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित संस्थाओं तक सीमित है।
बहाली और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि राजू शिंदे को तत्काल बहाल किया जाए तथा घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जनशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे सामूहिक इस्तीफा देंगे। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर बड़वानी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सेंधवा तथा विकासखंड स्रोत समन्वयक सेंधवा को भी प्रेषित की गई है।
जनशिक्षकों ने किए हस्ताक्षर
ज्ञापन पर राकेश सिंगारिया, ध्यानसिंह देवरे, जयसिंह सोनोने, सीताराम बडोले, विजय चौहान, लालसिंह मुजाल्दे, बिसन अरखे, राहुल सेनानी, लालारिया खरते, मनोज रावत, कावसिंह पवार, रफायल बंडोड, रमेशचंद्र चितावले, आकाश माडले, गोपाल पवार, दिनेश आवासे तथा राजू शिंदे के हस्ताक्षर हैं। सभी ने संयुक्त रूप से निलंबन आदेश वापस लेने और बहाली की मांग दोहराई।



