सेंधवा के ग्राम कोलकी के मनसाराम सोलंकी हिंदी साहित्य में असिस्टेंट प्रोफेसर चयनित, अंतरसिंह आर्य ने किया सम्मानित
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने संघर्ष और परिश्रम को बताया युवाओं के लिए प्रेरणा

जनोदय पंच। सेंधवा क्षेत्र के ग्राम कोलकी निवासी मनसाराम सोलंकी के हिंदी साहित्य विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन होने पर उनका सम्मान किया गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनकी सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
सेंधवा क्षेत्र के ग्राम कोलकी के युवा मनसाराम सोलंकी का हिंदी साहित्य विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन हुआ है। इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने मनसाराम सोलंकी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
संघर्ष और परिश्रम की मिसाल
सम्मान समारोह के दौरान अंतरसिंह आर्य ने कहा कि मनसाराम सोलंकी का जीवन संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अत्यंत साधारण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने के बावजूद मनसाराम सोलंकी ने अपनी शिक्षा जारी रखी। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने मजदूरी भी की और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य की ओर लगातार प्रयासरत रहे।
मेहनत के बल पर हासिल की उपलब्धि
अंतरसिंह आर्य ने कहा कि मनसाराम सोलंकी ने मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों के बल पर असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे प्रतिष्ठित पद को प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सतत प्रयास उनकी सफलता का आधार बने।
क्षेत्र के लिए गौरव का विषय
अंतरसिंह आर्य ने कहा कि मनसाराम सोलंकी की उपलब्धि केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन युवाओं को यह संदेश देता है कि लक्ष्य स्पष्ट हो, संकल्प अटूट हो और मेहनत निरंतर की जाए तो कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं।
कार्यक्रम के दौरान अंतरसिंह आर्य ने मनसाराम सोलंकी तथा उनके समस्त परिवार को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हुए आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।



