बड़वानी में तीर-कमान से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को अदालत ने सुनाई उम्रकैद, अर्थदंड से भी किया दंडित
13 नवंबर 2023 के हमले में घायल इस्मल की उपचार के दौरान मौत हुई थी, साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया।

जनोदय पंच। बड़वानी के उबादगड में पुरानी रंजिश को लेकर इस्मल पर तीर-कमान से हमला करने के मामले में अदालत ने आरोपी फैरंग्या उर्फ दादला को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। मामले में जांच और अभियोजन की कार्रवाई पूरी हुई।
बड़वानी जिले के ग्राम उबादगड में 13 नवंबर 2023 को तीर-कमान से किए गए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने आरोपी फैरंग्या उर्फ दादला पिता नहारसिंग, निवासी ग्राम उबादगड, दीयानी बैडी फल्या, थाना पाटी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी ने इस्मल पिता बुचा मानकर, निवासी उबादगड पर हमला किया था।
तीन तीर लगने से गंभीर घायल हुआ था इस्मल
अभियोजन के अनुसार आरोपी ने इस्मल पर एक नहीं, बल्कि तीन तीर चलाए थे। एक तीर सीने, दूसरा हाथ की कलाई और तीसरा पैर की जांघ में लगा था। गंभीर रूप से घायल इस्मल को अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान उसके शरीर से तीर निकाले गए और इलाज किया गया, लेकिन बाद में चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
जांच में जुटाए गए महत्वपूर्ण साक्ष्य
प्रारंभ में पुलिस ने मामले में धारा 307 भादसं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। उपचार के दौरान इस्मल की मृत्यु होने पर मर्ग जांच को आपराधिक प्रकरण में शामिल किया गया और धारा 302 भादसं का इजाफा किया गया। अभियोजन के मुताबिक आरोपी और मृतक के परिवार के बीच पुरानी रंजिश थी। इस्मल बीड़ी लेने के लिए सरवा की दुकान पर गया था। वापस लौटते समय नाले के पास उस पर हमला किया गया।
विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया। खून लगी मिट्टी, पत्थर, तीर-कमान सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए गए। घायल इस्मल के उपचार संबंधी दस्तावेज, एक्स-रे, मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया गया। गवाहों के कथन और चिकित्सकीय साक्ष्यों के साथ परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी मामले में रखा गया।

अनुसंधान और अभियोजन की भूमिका
प्रकरण में अनुसंधान सहा.उ.नि. केशव यादव द्वारा किया गया। शासन की ओर से पैरवी श्री जगदीश यादव (अतिरिक्त लोक अभियोजक अधिकारी), बड़वानी ने की। उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की कार्रवाई के बाद अदालत ने फैरंग्या उर्फ दादला को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।



