सेंधवा में आम मुस्लिम जमात के चुनाव को लेकर ज्ञापन, वर्तमान कमेटी भंग करने और निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में वर्तमान कमेटी भंग करने, नई चुनाव प्रक्रिया और पिछले तीन वर्षों के हिसाब की मांग।

जनोदय पंच। सेंधवा में आम मुस्लिम समाज की ओर से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में आम मुस्लिम जमात सेंधवा के निष्पक्ष चुनाव, वर्तमान कमेटी भंग करने और पिछले तीन वर्षों के आय-व्यय का पूरा हिसाब समाज के समक्ष प्रस्तुत कराने की मांग की गई।
सेंधवा में आम मुस्लिम जमात की वर्तमान व्यवस्था को लेकर आम मुस्लिम समाज की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान सदर हाजी सलीम शेख का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है, इसके बावजूद वे सदर पद पर बने हुए हैं। पद पर बने रहने और चुनाव प्रक्रिया में भूमिका को लेकर समाज में असंतोष एवं आक्रोश बढ़ने की बात कही गई है।
चुनाव नियमों और सरपरस्तों के गठन पर सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पद पर बने रहने की इच्छा के चलते सुविधा और इच्छा के अनुसार सरपरस्तों का गठन किया गया। सरपरस्तों के बीच चुनाव के नियमों को लेकर एक राय नहीं बनने पर अपनी मर्जी से सरपरस्तों को हटाने की बात भी ज्ञापन में कही गई। समाज के सभी लोगों की सहमति के बिना चुनाव नियम निर्धारित करने और तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है।


तीन वर्षों के आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल का आय-व्यय एवं पूरा हिसाब-किताब समाज के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसमें पिछले तीन वर्षों में प्राप्त चंदे, दान और अन्य आय के साथ किए गए खर्च का विस्तृत लेखा-जोखा सार्वजनिक कराने की मांग की गई। आवश्यकता होने पर संबंधित दस्तावेजों और खातों की जांच कराने की मांग भी रखी गई।
निष्पक्ष चुनाव और निगरानी व्यवस्था की मांग
समाज की ओर से आम मुस्लिम जमात सेंधवा का चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से कराने की मांग की गई। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को चुनाव लड़ने और मतदान करने का समान अधिकार देने की मांग रखी गई। चुनाव की निगरानी जिला मुस्लिम कमेटी अथवा सेंधवा राजस्व टीम से कराने का सुझाव दिया गया।

वर्तमान कमेटी भंग कर नई प्रक्रिया शुरू करने की मांग
ज्ञापन में वर्तमान सरपरस्त कमेटी एवं सदर को पदमुक्त कर वर्तमान कमेटी भंग करने तथा नई चुनाव प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। चुनाव के नियम समाज के सभी पक्षों की सहमति से तय करने और चुनाव तथा वित्तीय हिसाब-किताब में निष्पक्ष निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। ज्ञापन के अंत में मुस्लिम समाज में बढ़ते असंतोष को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप और उचित कार्रवाई का निवेदन किया गया।



