शासकीय आदर्श महाविद्यालय में हुआ कार्यक्रम विभाजन की त्रासदी को स्मरण कर विकसित भारत के निर्माण का लिया संकल्प

बड़वानी। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और विकसित भारत 2047 की संकल्पना को केंद्र में रखते हुए शासकीय आदर्श महाविद्यालय, बड़वानी में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में योगेश्वर शिक्षा महाविद्यालय, मधुबन महाविद्यालय एवं विधि महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में शासकीय आदर्श महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित, योगेश्वर महाविद्यालय के डायरेक्टर श्री आयुष पाटीदार एवं श्री राकेश गौतम मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं वंदे मातरम् गायन से हुआ। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों ने सामूहिक गायन कर राष्ट्रभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अंतर्गत मेरा युवा भारत द्वारा निर्मित विभाजन की त्रासदी से संबंधित वीडियो डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्ष 1947 में हुए भारत विभाजन की पीड़ा, विस्थापन और मानवीय त्रासदी से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में विभाजन के दौरान प्रभावित हुए लोगों के संघर्ष एवं पीड़ा को स्मरण करते हुए मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनिल पाटीदार ने विभाजन विभीषिका, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और विकसित भारत 2047 के विषयों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल अतीत को जानने का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माण की प्रेरणा भी देता है। विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के महापुरुषों एवं वीर सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सेनानियों एवं महापुरुषों को स्मरण कर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। साथ ही विकसित भारत 2047 के संकल्प को दोहराते हुए प्राचीन भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, कला, संस्कृति, दर्शन एवं विज्ञान को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ समन्वित कर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प विद्यार्थियों ने लिया। प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने विद्यार्थियों को देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सदैव स्मरण रखते हुए युवा पीढ़ी को राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए। श्री राकेश गौतम ने विद्यार्थियों से सतत आगे बढ़ने तथा अपने ज्ञान, कौशल और प्रतिभा का उपयोग देश को विकसित राष्ट्र बनाने में करने का आह्वान किया।

डॉ. बी.एस. मुझाल्दा ने विद्यार्थियों को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्व एवं उसके विभिन्न आयामों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है, इसलिए इसके मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. राजाराम मुवेल के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रतियोगिताओं में राज्य, संभाग एवं जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति जागरूकता, राष्ट्रप्रेम और विकसित भारत 2047 के निर्माण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत किया।



