बड़वानी में नागपंचमी पर नागलवाड़ी शिखरधाम में भारी भीड़, 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा भिलट देव के दर्शन
नागलवाड़ी शिखरधाम में बारिश और धुंध के बीच श्रद्धालु साढ़े तीन किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंच रहे हैं।

रमन बोरखड़े। जनोदय पंच। बड़वानी के नागलवाड़ी शिखरधाम स्थित बाबा भिलट देव मंदिर में नागपंचमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 15 अगस्त से सोमवार रात 8 बजे तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मंगलवार तक यह संख्या 5 लाख से अधिक पहुंचने की संभावना है।
बड़वानी जिले के नागलवाड़ी शिखरधाम स्थित प्रसिद्ध बाबा भिलट देव मंदिर में नागपंचमी पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार पहुंच रही है। तीन दिवसीय मेले के दौरान मंदिर के पट 60 घंटे लगातार खुले हैं। नागपंचमी पर ब्रह्म मुहूर्त में बाबा भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। सुबह 4 बजे चोला श्रृंगार के बाद महाआरती हुई। इसके बाद कातोर गादी भक्त मंडल की ओर से 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया।

4 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन
15 अगस्त से सोमवार रात 8 बजे तक 4 लाख से अधिक भक्त बाबा भिलट देव के दर्शन कर चुके हैं। पर्व के तहत मंगलवार तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मुख्य पुजारी राजेंद्र बाबा ने बताया कि रविवार सुबह से मंगलवार रात 12 बजे तक मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।

बारिश और धुंध के बीच साढ़े तीन किलोमीटर की पैदल चढ़ाई
सुरक्षा के लिहाज से पहाड़ी रास्ते पर वाहनों की एंट्री बंद है। श्रद्धालु रिमझिम बारिश, हरियाली और धुंध के बीच करीब साढ़े तीन किलोमीटर की पैदल चढ़ाई तय कर मंदिर पहुंच रहे हैं। दर्शन के लिए उन्हें करीब दो घंटे तक कतार में लगना पड़ रहा है। नागपंचमी पर्व के दृष्टिगत कलेक्टर जयति सिंह और पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने नागलवाड़ी शिखरधाम पहुंचकर बाबा भिलट देव के दर्शन किए। दोनों अधिकारियों ने कंट्रोल रूम, दर्शन व्यवस्था, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया।

500 से अधिक पुलिसकर्मी और 2 हजार स्वयंसेवक तैनात
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मी और 2 हजार से अधिक मंदिर समिति के स्वयंसेवक तैनात हैं। मंदिर परिसर में 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग, बैरिकेडिंग और लेन सिस्टम लागू किया गया है। पांच पार्किंग स्थल और तीन ड्रॉप गेट बनाए गए हैं। भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू है।
पेयजल, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था
मेले में स्वच्छ पेयजल, चलित शौचालय, कंट्रोल रूम और लाउडस्पीकर से सूचना प्रसारण की व्यवस्था की गई है। 24 घंटे मेडिकल टीम और एंबुलेंस तैनात हैं। वाहनों की स्थिति से निपटने के लिए क्रेन भी उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष दिनेश यादव, कोषाध्यक्ष बजरंग गोयल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर, एसडीएम राजपुर श्री कुमार सानू देवडिया, डिप्टी कलेक्टर श्री आकाश यादव और एसडीओपी सेंधवा श्री अजय वाघमारे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रसिद्ध नागलवाड़ी शिखरधाम
मध्य प्रदेश की सतपुड़ा की हरी-भरी पर्वत श्रृंखलाओं में बड़वानी जिले में बसा नागलवाड़ी एक अत्यंत मनोरम, शांत और धार्मिक महत्व का स्थल है। यहाँ की ऊँची पहाड़ी की चोटी पर स्थित प्रसिद्ध श्री भीलट देव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहाँ विशेष रूप से नागपंचमी के अवसर पर दोनों राज्यों से भारी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुँचते हैं। प्राकृतिक सुंदरता, मनोरम घाटियों और आध्यात्मिक वातावरण का यह अनूठा संगम न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है, बल्कि निमाड़ अंचल में धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाता है।



