बीईओ मनोज मराठे के निलंबन की मांग पर चार दिवसीय जयस धरना खत्म, विभाग ने भेजा निलंबन प्रस्ताव
निलंबन की मांग को लेकर चला जयस का धरना समाप्त, आपराधिक प्रकरण में चालान पेश होने के आधार पर विभाग ने प्रस्ताव भेजा।

जनोदय पंच। सेंधवा के समीप निवाली तहसील मुख्यालय के बाहर बीईओ को पद से हटाने और निलंबित करने की मांग को लेकर चल रहा जयस का चार दिवसीय धरना शुक्रवार को समाप्त हुआ। जनजातीय कार्य विभाग ने आपराधिक प्रकरण में चालान पेश होने के आधार पर निलंबन प्रस्ताव भेजा है।
चार दिन के प्रदर्शन के बाद धरना समाप्त
सेंधवा के समीप निवाली तहसील मुख्यालय के बाहर बीईओ मनोज मराठे को पद से हटाने और निलंबित करने की मांग को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) का चार दिवसीय धरना प्रदर्शन शुक्रवार को समाप्त हो गया।

सेंधवा विधायक और जयस जिला अध्यक्ष मोंटू सोलंकी ने बताया कि कार्यकर्ताओं के चार दिनों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। उन्होंने इसे पूरे आदिवासी समाज की जीत बताया।
मनोज मराठे के खिलाफ दर्ज है आपराधिक प्रकरण
जनजातीय कार्य विभाग बड़वानी से जारी पत्र के अनुसार, उच्च माध्यमिक शिक्षक मनोज मराठे के खिलाफ 16 जुलाई 2024 को थाना सेंधवा ग्रामीण में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 306 और 34 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया था।
मनोज मराठे को 10 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल बड़वानी भेजा गया।

विशेष न्यायालय में विचाराधीन है मामला
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 16 नवंबर 2024 को विशेष न्यायालय बड़वानी में चालान पेश किया। यह आपराधिक प्रकरण वर्तमान में विशेष न्यायालय बड़वानी में विचाराधीन है।
नियम 9 के आधार पर भेजा गया निलंबन प्रस्ताव
आदेश में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, भ्रष्टाचार या अन्य नैतिक पतन से जुड़े आपराधिक मामले में अभियोजन की स्वीकृति के बाद सरकारी कर्मचारी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश होने पर उसे निलंबित किए जाने का प्रावधान है।
इसी आधार पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, बड़वानी की ओर से मनोज मराठे को निलंबित किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव की प्रतिलिपि बड़वानी कलेक्टर और संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को भी भेजी गई है।



