निमाड़ की आवाज बनेंगी विधायक छाया मोरे, राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यशाला में मिला आमंत्रण
पंधाना विधायक देशभर की चुनिंदा महिला विधायकों के साथ जेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस पर करेंगी सहभागिता

दिनेश गीते। खरगोन-खंडवा। निमाड़ अंचल के लिए गौरव का अवसर सामने आया है। पंधाना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-178 (अजजा) की विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता छाया गोविन्द मोरे को राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से आयोजित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। वे देशभर की चुनिंदा महिला विधायकों के बीच निमाड़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा 7 और 8 सितंबर 2026 को ताज सूरजकुंड रिजॉर्ट, फरीदाबाद, दिल्ली एनसीआर में “जेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस” विषय पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की ओर से जारी आमंत्रण पत्र में विधायक छाया मोरे को कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है।
कार्यशाला में महिला जनप्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ जेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस, विधायी कार्यप्रणाली, नीति निर्माण, प्रभावी संवाद, वार्ता कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और समावेशी सोच जैसे विषयों पर चर्चा एवं प्रशिक्षण होगा।

इस राष्ट्रीय मंच पर विभिन्न राज्यों से शामिल होने वाली महिला विधायक अपने क्षेत्रों के अनुभवों और चुनौतियों को साझा करेंगी। पंधाना जैसे आदिवासी बहुल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली छाया मोरे की सहभागिता को निमाड़ के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं से जुड़े विषयों को भी व्यापक स्तर पर सामने रखने का अवसर मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, रोजगार, आत्मनिर्भरता, राजनीतिक भागीदारी और शासन की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने जैसे मुद्दे निमाड़ के जमीनी अनुभवों के माध्यम से राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन सकते हैं।
पंधाना की अनुसूचित जनजाति विधानसभा से निर्वाचित विधायक का देशभर की महिला विधायकों के बीच इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। अब कार्यशाला में निमाड़ की महिलाओं और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को किस तरह राष्ट्रीय मंच पर रखा जाता है, इस पर नजर रहेगी।



