सेंधवा; कुंडिया-मेंदील्यापानी मार्ग के डामरीकरण को मिली प्रशासनिक गति
540 लाख के प्रस्ताव पर विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ी, मार्ग डामरीकरण को प्रशासनिक स्वीकृति की दिशा में पहल
जनोदय पंच। सेंधवा। कुंडिया-मेंदील्यापानी मार्ग के डामरीकरण को प्रशासनिक स्तर पर गति मिली है, जिसके बाद श्रेय को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वरला तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाले कुंडिया से मेंदील्यापानी तक 4 किलोमीटर लंबे कच्चे मार्ग के डामरीकरण की प्रक्रिया तेज हुई है। इस मार्ग के निर्माण की मांग अंतरसिंह आर्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष द्वारा की गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग द्वारा इस मार्ग के डामरीकरण हेतु 540 लाख रुपये की अनुमानित लागत से प्रथम स्तरीय प्रस्ताव तैयार किया गया है। विभाग ने पत्र के माध्यम से अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग खंडवा मंडल, खंडवा को प्रकरण बजट में सम्मिलित करने के लिए अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजा है। साथ ही बजट में शामिल किए जाने संबंधी पत्र राष्ट्रीय अजजा आयोग, नई दिल्ली को भी प्रेषित कर सूचना दी गई है।
बजट प्रावधान से क्षेत्र में खुशी
ज्ञातव्य है कि मप्र शासन ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में उक्त मार्ग को सम्मिलित कर राशि का प्रावधान रखा है, जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी है। लंबे समय से यह मार्ग कच्चा होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात में स्थिति और अधिक दयनीय हो जाती थी।

श्रेय को लेकर बयानबाजी
इधर, इस स्वीकृति को लेकर राजनीतिक स्तर पर श्रेय की होड़ भी देखी जा रही है। क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी ने मार्ग की स्वीकृति को अपनी उपलब्धि बताया है। वहीं भाजपा नेता विकास आर्य ने लोक निर्माण विभाग के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि यह स्वीकृति अजजा आयोग अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मांग को स्वीकृति दी है, जिसका श्रेय अंतरसिंह आर्य को जाता है और विभागीय पत्राचार से यह तथ्य स्पष्ट है।
मार्ग के डामरीकरण से वरला तहसील मुख्यालय तक आवागमन सुगम होगा तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। अब क्षेत्रवासियों की नजर बजट स्वीकृति के बाद शीघ्र कार्यारंभ पर है। इस संबंध में विकास आर्य ने लोक निर्माण विभाग द्वारा आर्य को दिए गए पत्र को भी जारी किया है।



