सेंधवा में अंगदान-देहदान जागरूकता कार्यशाला, मानव सेवा समिति की पहल, अंगदान और नेत्रदान के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक

सेंधवा। मानव सेवा समिति और सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वाधान में देहदान, अंगदान और नेत्रदान विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें इंदौर के मुस्कान ग्रुप के अध्यक्ष संदीपन आर्य ने संबोधित करते हुए अंगदान और देहदान के महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्वागत निलेश जैन, डॉ अतुल पटेल, निलेश मंगल और महेंद्र परिहार ने किया। कार्यशाला में संदीपन आर्य ने बताया कि जीवनकाल में रक्तदान, बोन मेरो, किडनी, लिवर और स्किन का दान किया जा सकता है। वहीं ब्रेन डेथ होने की स्थिति में किडनी, लिवर, हार्ट, फेफड़े, पेनक्रिअज, छोटी आंत और त्वचा का दान संभव है। सामान्य मृत्यु के बाद नेत्रदान, त्वचा दान, बोन और हार्ट वाल्व का दान किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मुस्कान ग्रुप नेत्रदान, देहदान और अंगदान के क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख सामाजिक संगठन है, जो इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के साथ मिलकर जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करता है। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य समाज में अंगदान और देहदान से जुड़े मिथकों को दूर करना और लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करना है। जागरूकता अभियान के तहत कार्यशालाओं के माध्यम से यह भी समझाया जाता है कि मृत्यु के पश्चात अंगदान, जैसे आंखें और त्वचा का दान, अन्य लोगों को नया जीवन दे सकता है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए और अंगदान, देहदान तथा नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को स्पष्ट किया गया। इस अवसर पर अंगदान के प्रति जागरूकता के लिए विद्यार्थियों ने 18 वर्ष पूर्ण होने पर अंगदान से जुड़ने की शपथ ली। विद्यार्थियों से यह भी कहा गया कि अपने परिजनों, पड़ोसियों और मित्रों के यहां किसी गमी की स्थिति में उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित करें तथा सेंधवा की मानव सेवा समिति की टीम से संपर्क कर अंगदान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।
मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य ने मानव सेवा समिति सेंधवा द्वारा चलाए जा रहे प्रकल्पों की सराहना की। कार्यक्रम में महितपुर के जवाहर दोषी भी शामिल हुए। इस अवसर पर मानव सेवा समिति ने सेंधवा के कार्निया कलेक्शन सेंटर के डॉ आकाश पालीवाल का शाल, पुष्पमाला पहनाकर अभिनंदन किया। बताया गया कि डॉ आकाश पालीवाल पिछले दो वर्षों से सेंधवा में मानव सेवा समिति के साथ जुड़कर नेत्रदान के कार्य में सहयोग कर रहे हैं।



