वरला के राजनगांव में मंदिर से मूर्तियां बाहर फेंकी, तोड़फोड़ और अभद्रता से भड़का आक्रोश, चार आरोपियों पर केस दर्ज
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, धर्मांतरण और बाहरी लोगों की गतिविधियों पर लगाए आरोप

जनोदय पंच। वरला थाना क्षेत्र के राजनगांव में प्राचीन मंदिर में तोड़फोड़ और मूर्तियों के साथ अभद्रता की घटना से रविवार को तनाव फैल गया। ग्रामीणों ने मूर्तियां बाहर पड़ी देखीं और विरोध जताया। पुलिस ने चार आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वरला थाना क्षेत्र के राजनगांव गांव में रविवार सुबह उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब ग्रामीणों ने प्राचीन मरी माता और भैरव मंदिर की मूर्तियों को मंदिर के बाहर फेंका हुआ पाया। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए।

मंदिर में तोड़फोड़ और मूर्तियों से अभद्रता
राजनगांव में अज्ञात आरोपियों द्वारा प्राचीन मरी माता और भैरव मंदिर में तोड़फोड़ कर मूर्तियों के साथ अभद्रता की गई। ग्रामीणों के अनुसार मंदिर में स्थापित मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और माता की मूर्ति से कपड़े हटाकर उन्हें फाड़ दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।

सुबह घटना सामने आने पर जुटी भीड़
रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने मंदिर के बाहर मूर्तियों को पड़ा देखा, तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही तहसीलदार और थाना प्रभारी नारायण रावल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए जांच शुरू की।
धर्मांतरण और बाहरी लोगों पर आरोप
ग्रामीणों ने वरला थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि गांव में कुछ बाहरी लोग ईसाई मिशनरियों के लिए काम कर रहे हैं और भोले-भाले आदिवासियों को लालच देकर उनका धर्मांतरण करा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले भी दो बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से शरारती तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
चार लोगों पर केस, पुलिस जांच जारी
वरला थाना प्रभारी नारायण रावल ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर गांव के ही चार लोगों लच्छा, संजय, नीरज और सेवदा—के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल गांव में पुलिस नजर बनाए हुए है।



