सेंधवा में एकात्मक पर्व का आयोजन, आदि शंकराचार्य जयंती पर विद्यार्थियों ने जाना भारतीय दर्शन का महत्व

जनोदय पंच। सेंधवा। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के सहयोग से संचालित पाठ्यक्रम मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम समाजकार्य स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रम के अंतर्गत आज रविवार संचालित कक्षा में आचार्य आदि शंकराचार्य जयंती के उपलक्ष में ष्एकात्मक पर्वष् मनाया गया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक श्री दारासिंह चौहान इस के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि पूरे सत्र में ऐसे कार्यक्रम महापुरुषों के ऊपर होते हैं वहां विद्यार्थी उपस्थित होना चाहिए क्योंकि उनके जीवन और दर्शन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। वही कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. राहुल सूर्यवंशी ने कहा कि भारतीय दर्शन को जानने का कार्य अगर करना है तो हमें सबसे पहले आदि गुरु शंकराचार्य को पढ़ना पड़ेगा उनकी विशेषता और पृष्ठता इस प्रकार की थी कि उन्होंने आदित्य सिद्धांत की रचना कर भारत को एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया। आदि शंकराचार्य ने सामाजिक कुरीतियों पशुबलि, छुआछूत जैसे को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने चार पीठों की रचनाकार भारत को एकात्मक की ओर अग्रसर करने का प्रयास किया । इस कार्यक्रम में नवांकुर संस्था के सेक्टर सेंधवा से सचिव दिनेश तरोले, चाचरिया सेक्टर से मनोज कुलकर्णी, सीएमसीएलडीपी परामर्शदाता डॉ. अनूप कुमार जमरे, कांतिलाल सेनानी, जगदीश यादव, संध्या भावसार, बीएसडब्ल्यू से उज्जवल, ऋषिकेश, सुशीला, सुनीता, नेहा एवं एमएसडब्लू से निलेश, जितेंद्र, जियाउद्दीन, बाबूलाल आदि समाजकार्य के विद्यार्थी उपस्थित है।



