बड़वानी में एसपी शुक्ल की क्राइम मीटिंग, अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और रात्रि गश्त मजबूत करने पर जोर

बड़वानी पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने क्राइम मीटिंग में अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई, सोशल मीडिया निगरानी, महिला सुरक्षा और रात्रि गश्त को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
बड़वानी पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभा गृह में जिले के समस्त थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ली। बैठक में महिला एवं बालिका सुरक्षा, संपत्ति संबंधी अपराध, अवैध गतिविधियों की रोकथाम, लंबित प्रकरणों के निराकरण और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई।

जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश
बैठक में पद्मविलोचन शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में अपराधों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी। एक्सीडेंट और माइनर एक्ट प्रकरणों में तीन से चार दिवस के भीतर चालान प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किए जाने की बात कही गई। सभी पुलिसकर्मियों को निर्धारित गणवेश में अनुशासित रहकर कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।

संपत्ति संबंधी अपराधों की समीक्षा
चोरी, नकबजनी और वाहन चोरी जैसे मामलों में 100 प्रतिशत रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पतारसी कर शीघ्र गिरफ्तारी और चोरी गए माल की बरामदगी पर विशेष जोर दिया गया। अवैध शराब, सट्टा, जुआ, मादक पदार्थ, अवैध हथियार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए।
रात्रि गश्त और चेकिंग बढ़ाने पर जोर
होटल-ढाबों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित चेकिंग, प्रभावी वाहन जांच और रात्रि गश्त को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। फरार स्थाई वारंटी और ईनामी बदमाशों की थाना-वार समीक्षा करते हुए उनकी त्वरित गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए। ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की तलाश को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।

सोशल मीडिया और साइबर अपराधों पर निगरानी
बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। आदतन अपराधियों की निगरानी, बाउंड ओवर की कार्रवाई और गंभीर अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण की प्रक्रिया तेज करने पर भी जोर दिया गया। साइबर अपराध और महिला-बालिका संबंधी अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए।
अधिकारी और कर्मचारी रहे उपस्थित
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एसडीओपी बड़वानी एवं डीएसपी महिला सुरक्षा महेश सुनैया, एसडीओपी राजपुर आयुष अलावा, डीएसपी अजाक बड़वानी निलेश्वरी डावर, एफएसएल अधिकारी रश्मि पाटीदार, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट नयन पाटिल, सूबेदारगण, जिले के समस्त थाना प्रभारी तथा कार्यालयीन अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



