सेंधवा के पास बह निकला धारकुंडिया झरना, मानसून की दस्तक के साथ बढ़ी पर्यटकों की उत्सुकता

सेंधवा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल गया है। बारिश के बाद जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर भी रौनक लौटने लगी है। सेंधवा से करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित धारकुंडिया झरना भी अब बहने लगा है।
सेंधवा शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मानसून की पहली बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है। बारिश का असर क्षेत्र की नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों पर भी देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर नदियों में पानी बहना शुरू हो गया है, जिससे आसपास का वातावरण आकर्षक नजर आने लगा है।
इसी बीच सेंधवा से लगभग 9 किलोमीटर दूर ग्राम थीगली के पास स्थित डेब नदी का प्रसिद्ध धारकुंडिया झरना भी बह निकला है। झरने में पानी आने के साथ ही यह स्थल एक बार फिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनने लगा है। आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के यहां पहुंचने की संभावना है।
हालांकि धारकुंडिया झरना प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यह स्थान पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है। लापरवाही और असावधानी के कारण यहां विभिन्न दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में झरने पर पहुंचने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मानसून की शुरुआत के साथ धारकुंडिया झरना एक बार फिर अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण लोगों को आकर्षित करने लगा है।



