इंदौर में शिक्षा व्यवस्था पर जीतू पटवारी के तीखे सवाल, राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस का बड़ा ऐलान
शिक्षा, NEET, रोजगार, निजी शिक्षण संस्थानों और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार को घेरा

जनोदय पंच। इंदौर में छात्रों से जुड़े कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, रोजगार और निजी शिक्षण संस्थानों के मुद्दे उठाए। सरकार से व्यवस्थागत कमियों में सुधार, परीक्षा व्यवस्था पर स्पष्ट जवाब और शिक्षा नीति पर व्यापक चर्चा की मांग करते हुए कार्यक्रम की अनुमति को लेकर भी सवाल उठाए गए।
शिक्षा और रोजगार के सवालों पर व्यापक चर्चा की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शिक्षा व्यवस्था से रोजगार की कड़ी कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल और निजी कॉलेज भी देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अफोर्डेबल एजुकेशन और शिक्षा नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर सभी पक्षों को साथ लेकर चर्चा होनी चाहिए।

पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों की समस्याओं को लगातार उठा रहे हैं और शिक्षा के माध्यम से देश की प्रगति का नया नैरेटिव खड़ा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे को छात्रों के बीच ले जा रहे हैं और इससे राजनीतिक मोमेंटम बना है।
कार्यक्रम के लिए 10 करोड़ रुपए मांगते तो भी देने की बात
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए स्थान को लेकर पूछे गए सवाल पर जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपए की जगह 10 करोड़ रुपए भी मांगे जाते तो कांग्रेस देने को तैयार थी। पटवारी ने कहा कि मुद्दा पैसा नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने लाना है।
उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी के अवसर पर मां अहिल्या की नगरी इंदौर से एक नई शुरुआत होने जा रही है। राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष के रूप में छात्रों की समस्याओं को लगातार उठा रहे हैं।
NEET, परीक्षा व्यवस्था और रोजगार को लेकर सरकार पर सवाल
जीतू पटवारी ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में 50 बार परीक्षाएं निरस्त हुई हैं और 152 बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने सवाल किया कि इन व्यवस्थागत कमियों में सुधार कब होगा।
पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा का रिकॉर्ड चिंताजनक है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी दसवीं तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। NEET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और उससे जुड़े विवादों को लेकर उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
स्कूल-कॉलेजों में RSS के प्रभाव का पटवारी ने लगाया आरोप
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि स्कूल और कॉलेजों में RSS का प्रभाव बढ़ रहा है और शिक्षा व्यवस्था में उसका एजेंडा चलाया जा रहा है। उन्होंने पटवारी भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ भी भेदभाव हो रहा है। निजी स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति पर चिंता जताते हुए पटवारी ने कहा कि शिक्षा नीति के दायरे में आने वाले निजी संस्थानों में भी 80 प्रतिशत की स्थिति दयनीय है।
लिखित अनुमति नहीं मिली तो सड़क पर कार्यक्रम की चेतावनी
दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और कोटा में छात्रों से जुड़े आंदोलनों का उल्लेख करते हुए जीतू पटवारी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं के आने की व्यवस्था की जा रही है। पटवारी के अनुसार, अनुमति मौखिक रूप से मिल गई है। लिखित अनुमति समय पर नहीं मिली तो कांग्रेस सड़क पर कार्यक्रम करेगी।
तीन महीने में मास्टर प्लान जारी करने की मांग
इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाएगी। उन्होंने दावा किया कि 50 हजार लोग इंदौर से भोपाल जाकर सरकार से मुलाकात करेंगे। पटवारी ने कहा कि इंदौर लंबे समय से मास्टर प्लान का इंतजार कर रहा है और नया मास्टर प्लान तीन महीने में जारी किया जाना चाहिए।



