बड़वानी: 377 हेक्टेयर चरागाह भूमि पर प्रस्तावित सोलर प्लांट के विरोध में जयस का प्रदर्शन, एसडीएम कार्यालय का घेराव
राजपुर के ग्राम जाहुर की शासकीय चरागाह भूमि पर सोलर प्लांट के प्रस्ताव के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, जांच का आश्वासन

जनोदय पंच। बड़वानी जिले के राजपुर ब्लॉक स्थित ग्राम जाहुर की 377 हेक्टेयर शासकीय चरागाह भूमि पर प्रस्तावित सोलर प्लांट का विरोध तेज हो गया है। जयस आदिवासी संगठन और ग्रामीणों ने राजपुर एसडीएम कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपकर चरागाह भूमि पर सोलर प्लांट नहीं बनाने की मांग की।
राजपुर एसडीएम कार्यालय का घेराव, सौंपा ज्ञापन
बड़वानी जिले में सरकारी जमीन पर सोलर प्लांट लगाने को लेकर विरोध लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में जयस आदिवासी संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने राजपुर स्थित एसडीएम कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “जो जगह सरकारी है, वो जमीन हमारी है” के नारे लगाते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चरागाह भूमि पर सोलर प्लांट का निर्माण नहीं किए जाने की मांग की।

377 हेक्टेयर चरागाह भूमि को लेकर जताई आपत्ति
प्रदर्शनकारियों के अनुसार मामला राजपुर ब्लॉक के ग्राम जाहुर का है। उनका आरोप है कि गांव के पशुओं के चरने के लिए सुरक्षित रखी गई 377 हेक्टेयर शासकीय चरागाह भूमि को सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए अधिकृत किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि गांव के मवेशियों की चराई के लिए उपयोग में आती है और इसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं दिया जाना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की कि इस भूमि पर सोलर प्लांट का निर्माण तत्काल रोका जाए।

कैलाश कनोजे ने रखी संगठन की बात
जयस संगठन के कैलाश कनोजे ने कहा कि यह जमीन पशुओं के लिए आरक्षित है। यदि यहां सोलर प्लांट स्थापित किया गया तो मवेशियों के चरने के लिए कोई स्थान नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों की यह चरागाह भूमि उनसे नहीं छीने।

रूपखेड़ा में भी दर्ज कराया गया विरोध, प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
ग्रामीणों ने बताया कि विरोध केवल राजपुर तक सीमित नहीं है। ठीकरी तहसील के रूपखेड़ा गांव में भी ग्रामीणों ने इसी मुद्दे पर प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि चरागाह भूमि पर किसी भी प्रकार का उद्योग या सोलर प्लांट स्थापित नहीं होने दिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।



