बड़वानी में सुदर्शन वाहिनी ने उठाई नर्मदापुरम मॉब लिंचिंग फैसले की समीक्षा की मांग, सौंपा ज्ञापन
राज्यपाल के नाम कोतवाली थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष कानूनी परीक्षण कराने का किया अनुरोध

जनोदय पंच। बड़वानी में सुदर्शन वाहिनी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नर्मदापुरम मॉब लिंचिंग प्रकरण में 14 आरोपियों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के निर्णय की निष्पक्ष कानूनी समीक्षा की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मामले के तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों के पुनः परीक्षण की आवश्यकता बताई।
बड़वानी। सुदर्शन वाहिनी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित कोतवाली थाना पहुंचकर थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन को महामहिम राज्यपाल, मध्यप्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्ष 2022 के चर्चित नर्मदापुरम मॉब लिंचिंग प्रकरण में 14 आरोपियों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के निर्णय की निष्पक्ष कानूनी समीक्षा कराने की मांग की गई।
तथ्यों और साक्ष्यों के पुनः परीक्षण की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि न्यायिक निर्णय को लेकर समाज के एक वर्ग में विभिन्न प्रकार की शंकाएं और प्रश्न उत्पन्न हुए हैं। संगठन के अनुसार मामले के तथ्यों, साक्ष्यों एवं परिस्थितियों का पुनः निष्पक्ष परीक्षण किया जाना आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण रूप से निष्पक्ष और संतुलित रही है।
सुदर्शन वाहिनी ने महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया कि मामले की विधिसम्मत समीक्षा के लिए संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी संस्थाओं का ध्यान आकर्षित किया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की जांच एवं परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संगठन न्यायपालिका का पूर्ण सम्मान करता है, लेकिन न्यायिक निर्णयों से संबंधित जन-चिंताओं का उचित समाधान होना चाहिए। संगठन का कहना है कि इससे न्याय व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सकेगा।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुदर्शन वाहिनी के प्रदेश संयोजक नवनीत सिंह, जिला अध्यक्ष शिवम धनगर, नगर अध्यक्ष रवि मुकाती, आभास शर्मा, दीपक सेंगर, त्रिलोक ठाकुर, किशोर बाला, वीरेंद्र बामणिया, रामु धनगर, सुनील धनगर, अर्जुन, सुरज, दीपक, वीरेंद्र, राहुल वास्कले सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



