सेंधवा में अमृत 2.0 के कार्यों का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयसीमा पर अधीक्षक यंत्री प्रदीप निगम ने दिए निर्देश
जलप्रदाय, उद्यान एवं जल संरचनाओं के कार्यों में निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन करने पर दिया जोर

जनोदय पंच। सेंधवा में अमृत 2.0 योजना के तहत जलप्रदाय, उद्यान और जल संरचनाओं से जुड़े विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मापदंडों और निर्धारित समयसीमा का ध्यान रखते हुए कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
अमृत 2.0 के कार्यों का निरीक्षण
सेंधवा। नगर पालिका परिषद सेंधवा में अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का इंदौर संभाग के अधीक्षक यंत्री प्रदीप निगम ने अपने सेंधवा दौरे के दौरान निरीक्षण किया। उन्होंने नगर में योजना के अंतर्गत किए जा रहे जलप्रदाय, उद्यान एवं जल संरचना से संबंधित कार्यों का स्थल निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

गुणवत्ता और तकनीकी मापदंडों पर जोर
निरीक्षण के दौरान अधीक्षक यंत्री प्रदीप निगम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित मापदंडों तथा कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित ठेकेदार एवं नगर पालिका के तकनीकी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए तथा निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने तथा निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए।
जलप्रदाय और जल संरचनाओं की ली जानकारी
प्रदीप निगम ने जलप्रदाय से जुड़े कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि नागरिकों को बेहतर एवं सुचारु जलप्रदाय उपलब्ध कराना प्राथमिकता होना चाहिए। इसके साथ ही जल संरचनाओं एवं उद्यान विकास के कार्यों को भी इस प्रकार किया जाए, जिससे नगरवासियों को दीर्घकालीन लाभ मिल सके।
नगर वन का निरीक्षण और पौधरोपण
सेंधवा प्रवास के दौरान अधीक्षक यंत्री प्रदीप निगम ने वन विभाग एवं नगर पालिका द्वारा विकसित किए जा रहे नगर वन का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। इस अवसर पर नगर वन में किए गए व्यापक पौधरोपण की जानकारी लेते हुए उन्होंने अब तक रोपित किए गए करीब 35 हजार पौधों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पौधों के रोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है, ताकि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र एक हरे-भरे नगर वन के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने नगर वन के विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए पौधों की सुरक्षा और उनके रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी मधु चौधरी, उपयंत्री सचिन अलुने, उपयंत्री विशाल जोशी, संबंधित ठेकेदार एवं नगर पालिका का तकनीकी अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति से अधीक्षक यंत्री प्रदीप निगम को अवगत कराया।



