सेंधवा। ‘जय जोहार’ पर कथित अपमानजनक टिप्पणी का मामला गरमाया, आदिवासी कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
GSU आंदोलन में छात्र-छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार को लेकर मुख्यमंत्री के नाम SDOP को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

जनोदय पंच। सेंधवा। भोपाल में छात्र-छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और आदिवासी समाज के अभिवादन को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठी है। इस संबंध में ज्ञापन सौंपकर साक्ष्य सुरक्षित रखने, शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने और दोषी पाए जाने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस, ब्लॉक सेंधवा, जिला बड़वानी की ओर से 17 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP), सेंधवा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन (GSU) द्वारा भोपाल में आयोजित आंदोलन के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ कथित गाली-गलौज और दुर्व्यवहार तथा आदिवासी समाज के अभिवादन ‘जय जोहार’ पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में दिया गया।

मिसरोद थाना प्रभारी की भूमिका की जांच की मांग
ज्ञापन में भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी रमनसिंह परिहार और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। साथ ही घटना से संबंधित वीडियो फुटेज, ऑडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।

आदिवासी कांग्रेस ने कहा कि शिकायत में संज्ञेय अपराध के पर्याप्त तथ्य पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लागू कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में शिकायतकर्ताओं और प्रत्यक्षदर्शियों को सुरक्षा देने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है। संगठन ने की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की।

‘जय जोहार’ को बताया आदिवासी अस्मिता का प्रतीक
आदिवासी कांग्रेस ने कहा कि ‘जय जोहार’ केवल अभिवादन के शब्द नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अस्मिता, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। संगठन के अनुसार, इस अभिवादन को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी और विद्यार्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला गंभीर है। इसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी व्यक्ति के प्रति दुर्भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान, विद्यार्थियों के अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के निष्पक्ष पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस, ब्लॉक सेंधवा ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जवाबदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान पोरलाल खर्ते, नेशनल कोऑर्डिनेटर, अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी; राजाराम जाधव, ब्लॉक अध्यक्ष, आदिवासी कांग्रेस सेंधवा; सीताराम बर्डे, जनपद उपाध्यक्ष सेंधवा; आदित्य (मोनू) गोयल, जिला अध्यक्ष, भारतीय युवक कांग्रेस बड़वानी; इकबाल शाह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सेंधवा; संजय गुप्ता, सुरेश गुप्ता, कलीम बाबा, कय्यूम पेंटर पार्षद, समीर पटेल, कैलाश डावर, हरदास बर्डे, जतन किराडे, राहुल जमरा और श्री राम सेनानी सहित कांग्रेस पार्टी के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।



