सेंधवा के झिरीजामली में 2.07 करोड़ की नल-जल योजना पर सवाल, विधायक मोंटू सोलंकी ने अधिकारियों को दी आठ दिन की मोहलत
53 गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू होने के विभागीय दावे पर उठाए सवाल, ग्रामीणों ने बताया घरों तक नहीं पहुंचा पानी

जनोदय पंच। सेंधवा। ग्राम झिरीजामली में करोड़ों रुपये की नल-जल योजना स्वीकृत होने के बावजूद ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिलने का मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान महिलाओं ने अपनी परेशानी बताई, जबकि पाइपलाइन, बिजली बिल और अधूरे कार्यों को लेकर भी सवाल उठे। अधिकारियों से तय समय में समस्या दूर करने को कहा गया।
योजना स्वीकृत, फिर भी घरों तक नहीं पहुंचा पानी
सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी शनिवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला अधिकारियों के साथ ग्राम झिरीजामली पहुंचे और नल-जल योजना की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत आज तक किसी भी घर में पानी नहीं पहुंचा है। पेयजल के लिए उन्हें अब भी दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।

विधायक के गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अपनी समस्या लेकर पहुंचे। महिलाओं ने कहा, “विधायक भैया, हम बहुत परेशान हैं। अधिकारी गांव में आते हैं, आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन पानी आज तक नहीं मिला। आप अधिकारियों से पूछिए कि आखिर हमें पानी कब मिलेगा? हमें सिर्फ आश्वासन नहीं, घरों में पानी चाहिए।”
12 लाख का बिजली बिल, बोर में मोटर पंप भी नहीं
ग्रामीणों के अनुसार, झिरीजामली में नल-जल योजना के लिए 2 करोड़ 7 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंचा। इसके बावजूद ग्राम पंचायत को बिजली का करीब 12 लाख रुपये का बिल दिया गया है। एक फलिये में बोर किया गया, लेकिन उसमें अब तक मोटर पंप नहीं लगाया गया। बिजली के पोल भी लगाए गए, जिनमें से एक पोल उखड़ चुका है। ग्रामीणों ने करीब एक लाख रुपये का बिजली बिल दिए जाने की बात भी कही।

निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन बिछाने के काम पर भी सवाल उठे। विधायक मोंटू सोलंकी ने बताया कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार पाइपलाइन जमीन से लगभग तीन फीट नीचे बिछाई जानी चाहिए, जबकि गांव में कई जगह पाइपलाइन जमीन के ऊपर ही बिछाई गई है। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन की जांच की आवश्यकता जताई।
53 गांवों में पानी पहुंचने के दावे पर सवाल
विधायक मोंटू सोलंकी ने विधानसभा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से दी गई जानकारी पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, विभाग ने लिखित जानकारी में बताया था कि सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के कुल 70 गांवों में नल-जल योजना का कार्य किया जा रहा है और 53 गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि यदि वास्तव में 53 गांवों में पानी पहुंच रहा है, तो किसी भी गांव में चलकर जमीनी स्थिति की जांच की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने झिरीजामली में भी पानी की आपूर्ति होने की जानकारी दी थी। इसी दावे की वास्तविकता जानने के लिए वे अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों और महिलाओं ने घरों तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायत की।
उन्होंने कहा कि जिन अन्य गांवों में विभाग पानी की आपूर्ति शुरू होने का दावा कर रहा है, वहां भी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जानी चाहिए।
पहले भी मिला था आठ दिन का आश्वासन
ग्रामीणों ने बताया कि करीब पांच महीने पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी गांव आए थे। उस समय लिखित रूप में आठ दिनों के भीतर काम पूरा कर पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी न काम पूरा हुआ और न घरों तक पानी पहुंचा। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी ने एक बार फिर आठ दिन का समय मांगा। इस पर विधायक मोंटू सोलंकी ने नाराजगी जताई और स्पष्ट चेतावनी दी कि विधानसभा में दी गई जानकारी और गांव की वास्तविक स्थिति में अंतर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को तय समय-सीमा में योजना का काम पूरा कर घरों तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही पाइपलाइन की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और बिजली बिल से जुड़े मामले की जांच की आवश्यकता जताई।
निरीक्षण में ये जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान ग्राम पटेल धरमसिंह कनोजे, सरपंच सुरेश सेनानी, पूर्व सरपंच संजय भादले, जितेंद्र कनोजे, विवेक मेहता, सर्जन डावर, परसराम पटेल, विनोद सोलंकी और सयाराम सेनानी उपस्थित रहे।



