सेंधवा में सेवानिवृत्त बीईओ श्री सोहनी का आत्मीय सम्मान, शिक्षकों ने शाल-श्रीफल और तिलक लगाकर किया अभिनंदन

जनोदय पंच। सेंधवा में शासकीय कन्या शाला उ.मा. विद्यालय के शिक्षकों ने सेवानिवृत्त हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी लोकेंद्र सोहनी का आत्मीय सम्मान किया। समारोह में शिक्षकों ने उनके कार्यकाल, प्रशासनिक कुशलता और सहज व्यक्तित्व को याद किया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रस्तुतियों और शुभकामनाओं के साथ सम्मान किया गया।
शासकीय कन्या शाला उ.मा. विद्यालय सेंधवा, वर्तमान में सांदीपनि विद्यालय सेंधवा, में पदस्थ रहे एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी सेंधवा के पद से सेवानिवृत्त हुए लोकेंद्र सोहनी के सम्मान में निजी होटल में भव्य एवं आत्मीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों सहित अन्य गणमान्य शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती सुलोचना कौशल मैडम, श्री प्रेम सिंह राजपूत और श्री मनीष मंडलोई ने शाल, श्रीफल और तिलक लगाकर लोकेंद्र सोहनी का सम्मान किया। प्रशस्ति पत्र का वाचन श्री जितेंद्र माहेश्वरी ने किया।

सोहनी सर ने सेवा में कर्मठता और ईमानदारी को बताया जरूरी
लोकेंद्र सोहनी ने अपने प्रेरणादाई उद्धबोधन में कहा कि शासकीय सेवा में कर्मठता और ईमानदारी के साथ समाज के साथ विशेष समन्वय और सामंजस्य स्थापित करना आवश्यक है। विषम से विषम परिस्थितियों में भी धैर्य रखा जाए तो कठिनाइयां आसान हो जाती हैं।
कार्यक्रम में उनके सहज और सरल व्यक्तित्व का भी उल्लेख किया गया। निवाली बीईओ मनोज मराठे सर ने कहा कि सोहनी सर का मार्गदर्शन और अनुभव हमेशा प्रेरणा प्रदान करता रहेगा। उन्होंने श्री सोहनी सर की प्रशासनिक सेवा यात्रा का वृतांत भी सुनाया।
शिक्षकों ने साझा किए अनुभव
मनीष तिवारी ने बताया कि सर का कार्यकाल बहुत ही सहज और सरल रहा है। निलेश गुप्ता सर ने अपने उद्बोधन में कहा कि सर सम्मान ऊर्जा की तरह है, जो हमेशा अक्षुण्ण रहेगा। संजीव निकुम सर ने कहा कि सोहनी सर की तरह प्रशासनिक कुशलता और सामंजस्य का गुण सभी अधिकारियों में होना चाहिए।
श्री धनसिंह राठौर ने लोकगीत एवं दोहों की प्रस्तुति दी। रेखा चौबे मैडम ने अपनी मधुर आवाज में जीत की प्रस्तुति दी। श्री राधेश्याम विश्वकर्मा सर एवं श्री प्रद्युम्न रतावजिया सर ने मैसेज भेजकर शुभकामनाएं प्रेषित की गई।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में श्रीमती शिंदे मैडम, मनोज मराठे, मीनाक्षी भार्गव, झबरसिंग गोरे, सियान आर्य, रेखा चौबे, चौबे सर, धनसिंह राठौड़, मनीष तिवारी, राजेंद्र सोनी, सुनील गुप्ता, राजेश गुप्ता, ईश्वर सिरसाठ, संजीव निकुम, राजेंद्र वर्मा, भारती बर्डे मैडम एवं अन्य सभी गणमान्य शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन एवं कार्यान्वयन अनिस शेख, सुलोचना कौशल, प्रेमसिंह राजपूत, मनीष मंडलोई, निलेश गुप्ता और जितेंद्र माहेश्वरी शिक्षकों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं अंत में आभार प्रदर्शन अनिस शेख सर ने किया।



