बड़वानी में भूगोल विभाग की अभिनव पहल, नोट्स और साप्ताहिक परीक्षाओं से तनावमुक्त होकर पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी
प्राचार्य डॉ. पंडित ने शिक्षण-अध्ययन में नवाचार को बताया आवश्यक, अन्य विषयों के प्राध्यापकों से भी पहल अपनाने का किया आह्वान

जनोदय पंच। शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी के भूगोल विभाग में शिक्षण-अध्ययन को सरल, प्रभावी और तनावमुक्त बनाने के लिए नवाचार किए जा रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश पाटीदार की पहल से विद्यार्थी नियमित नोट्स, ऑनलाइन-ऑफलाइन परीक्षाओं और सामूहिक चर्चा के माध्यम से विषय की बेहतर समझ विकसित कर रहे हैं।
शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी के भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश पाटीदार ने भूगोल मेजर विषय के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन-अध्यापन में प्रयोगधर्मिता और नवाचार को धरातल पर उतारा है। इसके तहत विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुरूप सभी प्रश्नपत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री के नोट्स तैयार करवाए गए हैं।
हर सप्ताह सीसीई परीक्षा का आयोजन
विद्यार्थियों की विषय संबंधी समझ को बेहतर बनाने के लिए प्रति सप्ताह सीसीई परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से मूल्यांकन किया जाता है। इस पहल से विद्यार्थी तनावमुक्त होकर विषय को समझ पा रहे हैं और नियमित अभ्यास के माध्यम से वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैं।
त्रुटियों पर चर्चा से सीखने का अवसर
ऑनलाइन सतत व्यापक मूल्यांकन के दौरान विद्यार्थियों की गलतियों और त्रुटियों से उन्हें कक्षा में ही अवगत कराया जाता है। इसके बाद उन त्रुटियों को दूर करने के लिए सामूहिक चर्चा की जाती है। इससे विद्यार्थियों को अपनी कमियों को समझने और विषय पर पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप अध्ययन पर जोर
नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय की गहरी समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे विषय को बोझ न मानें और तार्किक ढंग से अपनी तैयारी कर सकें। इसी क्रम में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने अपने नोट्स और अध्ययन सामग्री का अवलोकन प्राचार्य डॉ. पंडित को करवाया।
अन्य विषयों में भी नवाचार अपनाने का आह्वान
प्राचार्य डॉ. पंडित ने भूगोल विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए अन्य विषयों के प्राध्यापकों से भी इसे अपनाने का आह्वान किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय के अध्ययन के लिए मानसिक रूप से तैयार रखना और तनावमुक्त वातावरण में अध्ययन-अध्यापन को बढ़ावा देना है।




