सेंधवा में गोपाल कृष्ण महाराज बोले, जब सभी रास्ते बंद हों तो समझिए परमात्मा नया मार्ग खोलने वाले हैं
सत्यनारायण महिला मंडल के आयोजन में कथा का हुआ समापन, विभिन्न संस्थाओं एवं सहयोगकर्ताओं का किया गया सम्मान और आभार व्यक्त

जनोदय पंच। सेंधवा में सत्यनारायण महिला मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर राष्ट्रीय संत परम पूज्य गोपाल कृष्ण महाराज ने सुदामा चरित्र, आशीर्वाद की महिमा और माता-पिता के सम्मान का संदेश दिया। आयोजन में सहयोग करने वाले सभी संस्थानों एवं व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया गया।
समापन दिवस पर दिया आध्यात्मिक संदेश
सेंधवा में सत्यनारायण महिला मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन दिवस पर राष्ट्रीय संत परम पूज्य गोपाल कृष्ण महाराज ने कहा कि जब सारे रास्ते बंद हो जाएं, अपने भी परायों जैसा व्यवहार करने लगें और कहीं से कुछ न मिले, तब समझ लेना चाहिए कि अब बहुत कुछ मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि सुदामा की कथा हमें यही प्रेरणा देती है कि जब संसार के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तब परमात्मा तक पहुंचने का मार्ग खुलता है और जब कुछ नहीं मिलता, तब सब कुछ प्राप्त हो जाता है।

आशीर्वाद की महिमा का किया वर्णन
गोपाल कृष्ण महाराज ने कहा कि किसी बड़े-बुजुर्ग का दिया हुआ आशीर्वाद कभी समाप्त नहीं होता। उन्होंने सीता माता, जामवंत और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा प्रसंग सुनाते हुए बताया कि सीता माता के आशीर्वाद के कारण भगवान श्रीकृष्ण ने जामवंत का वध नहीं किया। बाद में जामवंत ने अपनी पुत्री जामवंती का विवाह भगवान श्रीकृष्ण से कराया और उसी के साथ मणि भी उन्हें प्रदान की।

माता-पिता के सम्मान का दिया संदेश
कथा में गोपाल कृष्ण महाराज ने कहा कि बेटे-बेटियां माता-पिता के दिल का टुकड़ा होते हैं और जीवनभर उनके ऋण से उऋण नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि संतान को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे माता-पिता का सिर शर्म से झुक जाए। उन्होंने कहा कि पिता अपने बच्चों के लिए भगवान के समान होता है तथा माता-पिता का सम्मान जीवन का सबसे बड़ा कर्तव्य है।

सहयोगकर्ताओं का किया आभार व्यक्त
कथा के समापन पर सत्यनारायण महिला मंडल ने आकाश जल गंगा द्वारा पेयजल व्यवस्था, चेतन मंगल द्वारा गुरुजी के ठहरने की निःस्वार्थ व्यवस्था, अमोल भाई द्वारा टेंट, योगेश भाई द्वारा साउंड सिस्टम, मंडी समिति द्वारा मंडी शेड, बिजली विभाग द्वारा विद्युत व्यवस्था, पुलिस द्वारा कलश यात्रा एवं सातों दिन सुरक्षा व्यवस्था, पत्रकार बंधुओं द्वारा कथा का निरंतर समाचार कवरेज, नगर पालिका परिषद द्वारा साफ-सफाई एवं पानी के टैंकर तथा कमलेश गुप्ता द्वारा सात दिनों तक गुरुजी के आवागमन के लिए वाहन उपलब्ध कराने पर सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।





