परीक्षा परिणाम में सुधार की मांग, छात्रों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी

सेंधवा। वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेंधवा के स्नातकोत्तर हिंदी साहित्य तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम में कथित विसंगतियों को लेकर क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन से परिणाम में सुधार की मांग की है।
विद्यार्थियों का कहना है कि हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में छात्रों को बेहद कम अंक प्राप्त हुए हैं। विशेष रूप से ‘आधुनिक हिंदी काव्य और उसका इतिहास’ विषय के परिणाम को लेकर छात्रों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कई विद्यार्थियों को शून्य अंक तथा एटीकेटी दर्शाए जाने की बात ज्ञापन में कही गई है।
छात्रों ने मांग की है कि उत्तर पुस्तिकाओं का निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन कराया जाए, अंकों की गणना एवं ऑनलाइन सिस्टम में अंक फीडिंग की दोबारा जांच की जाए तथा यदि किसी प्रकार की मानवीय या तकनीकी त्रुटि हुई है तो उसे तत्काल सुधारकर संशोधित परिणाम जारी किया जाए।
आदिवासी छात्र संगठन ने विद्यार्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष अर्जुन डुडवे, उपाध्यक्ष प्रकाश सोलंकी, कपिल जाधव, जागीराम कटोले, चंदन डावर, पंकज सोलंकी, जागीराम भदले, रोहित सोलंकी, पंकज नरगावे, कांता सोलंकी, संजना सेनानी, रोशनी बामनिया एवं रामेश्वर डुडवे सहित अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए परीक्षा परिणाम में सुधार नहीं किया गया, तो छात्र आगामी दिनों में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।



