सेंधवा

सबरंग संस्था की संगीत संध्या में गूंजे सदाबहार नगमे, जाल सभागृह में सजी सुरों की महफिल, 60-70 के दशक के गीतों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध; संगीत साधकों एवं समाजसेवियों का हुआ सम्मान

इंदौर। सबरंग संस्था द्वारा 23 अक्टूबर को जाल सभागृह में ‘गुज़रा हुआ ज़माना आता नहीं दोबारा’ शीर्षक से शानदार संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 1960-70 के दशक के लोकप्रिय फिल्मी गीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को पुराने सुनहरे दौर की यादों में पहुंचा दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। बड़ी तादाद में मौजूद संगीत प्रेमियों ने तालियों के साथ गायकों का उत्साहवर्धन किया।

सदाबहार गीतों से सजी सुरों की शाम कार्यक्रम में अनिल उजाले ने फिल्म आराधना का लोकप्रिय गीत ‘मेरे सपनों की रानी’ प्रस्तुत कर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। डॉ. रघुवंशी ने ‘अकेला गया था मैं’ और पूर्णिमा तायड़े के साथ ‘गुम है किसी के प्यार में’ की शानदार प्रस्तुति दी।
विनय जोशी ने ‘आने वाला पल जाने वाला है’ तथा आशा निसर्गन के साथ ‘एक मैं और एक तू’ जैसे लोकप्रिय गीतों से समां बांधा। राहुल शर्मा ने आशा निसर्गन के साथ ‘गुनगुना रहे हैं भंवरे’, ‘तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे’ और पूर्णिमा होल्कर के साथ ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। पूर्णिमा होल्कर ने आशीष श्रीवास्तव के ‘साथ करवटे बदलते रहे’ गीत प्रस्तुत किया ।
कार्यक्रम के संचालक एवं गायक अनीस शेख ने अपनी शानदार गायकी से संगीत संध्या में चार चांद लगा दिए। उन्होंने ‘रूप तेरा मस्ताना’, ‘चांद जैसे मुखड़े पर’ और ‘रूप तेरा ऐसा दर्पण’ जैसे गीत प्रस्तुत कर खूब दाद बटोरी।

आशा निसर्गन के साथ उनकी युगल प्रस्तुतियों में ‘खुल्लम खुल्ला प्यार करेंगे’, ‘आंखों-आंखों में बात होने दो’, ‘याद रहेगा प्यार का ये मौसम’, ‘ये जान चली जाए’ और ‘कह दूं तुम्हें या चुप रहूं’ जैसे लोकप्रिय गीत शामिल रहे।
आशा निसर्गन ने ‘अजी रूठकर अब कहां जाइएगा’, ‘बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है’ और ‘होंठों पे ऐसी बात’ जैसे सदाबहार गीतों की प्रस्तुति दी।
पूर्णिमा तायड़े ने फिल्म किस्मत का ‘आओ हुजूर तुमको’ और फिल्म सौदागर का ‘धूप हो छाया हो’ प्रस्तुत किया। महेश पलोड़ ने पूर्णिमा तायड़े के साथ ‘भंवरे ने खिलाया फूल’ की युगल प्रस्तुति दी। सोनू गांधी ने फिल्म शान के लोकप्रिय गीत ‘यम्मा यम्मा’ से माहौल में उत्साह भर दिया।
संगीत संध्या के दौरान संगीत साधकों एवं समाजसेवियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान सेंधवा मानव सेवा समिति के निलेश जैन, सुभाषचंद्र बोस रक्दान समिति के अशोक राठौर, सैफ़ुद्दीन बेतवाला, महेंद्र परिहार व शाह मिस्कीन रक्तदान कमेटी के फ़रीद शेख़, समीर शेख व बाकू भाई को डीजीयाना चैनल के हेड डॉ प्रतीक श्रीवास्तव एंव राष्ट्रीय अध्यक्ष ए आई जे श्री विक्रम सेन द्वारा सम्मानित किया गया । साथ ही श्रोताओं से मनोरंजक क्विज के प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वाले विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन अनीस शेख ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अब्दुल हफीज खान ने माना।

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