सेंधवा; बिजली कटौती और कनेक्शन शुल्क की शिकायतों पर किसान कांग्रेस सख्त, आंदोलन की चेतावनी के साथ सौंपा ज्ञापन
अघोषित कटौती बंद करने, किसानों को तय समय पर बिजली देने और विद्युत कनेक्शन के भुगतान की रसीद उपलब्ध कराने की मांग

रमन बोरखड़े। जनोदय पंच। सेंधवा क्षेत्र के धनोरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती, निर्धारित समय पर आपूर्ति नहीं मिलने तथा विद्युत कनेक्शनों के शुल्क को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इन समस्याओं के निराकरण, भुगतान की रसीद और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए किसान कांग्रेस ने विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपा।
सहायक अभियंता सुनील डावर को सौंपा ज्ञापन
किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत विभाग के सहायक अभियंता (AE) सुनील डावर को ज्ञापन सौंपा। इसमें धनोरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, किसानों को निर्धारित समय पर बिजली नहीं मिलने और अस्थायी तथा स्थायी विद्युत कनेक्शनों के नाम पर कथित अनियमितताओं की शिकायतों का उल्लेख किया गया। किसान कांग्रेस ने विभाग से इन समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की।

बिजली आपूर्ति का समय घोषित करने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार अघोषित बिजली कटौती होने से किसानों को सिंचाई और कृषि कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को यह स्पष्ट जानकारी भी नहीं मिल पाती कि बिजली कब आएगी और कितने समय तक उपलब्ध रहेगी।
किसान कांग्रेस ने मांग की कि कृषि कार्यों के लिए बिजली आपूर्ति की निर्धारित समय-सारणी जारी की जाए और इसकी जानकारी प्रत्येक किसान तक पहुंचाई जाए। साथ ही, दिन और रात में कितने घंटे बिजली दी जाएगी, यह भी स्पष्ट किया जाए।
कनेक्शन शुल्क और रसीद को लेकर जांच की मांग
ज्ञापन में अस्थायी विद्युत कनेक्शनों के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने तथा भुगतान के बाद रसीद नहीं देने की शिकायतों की जांच कराने की मांग की गई। स्थायी विद्युत कनेक्शनधारी किसानों से ली गई राशि की भी जांच कर प्रत्येक भुगतान की रसीद उपलब्ध कराने की बात कही गई। किसान कांग्रेस ने कहा कि यदि जांच में अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
बिल जमा करने वाले किसानों की बिजली नहीं काटने की मांग
किसान कांग्रेस ने ज्ञापन में यह मुद्दा भी उठाया कि किसी एक उपभोक्ता द्वारा बिजली बिल जमा नहीं करने पर बिल का भुगतान कर चुके अन्य किसानों की विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं की जानी चाहिए। दूसरे उपभोक्ताओं के बकाया बिल जमा कराने के लिए किसानों पर अनुचित दबाव बनाए जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने विभाग से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती क्यों हो रही है, किसानों को निर्धारित समय के अनुसार पर्याप्त बिजली कैसे उपलब्ध कराई जाएगी और बार-बार आपूर्ति बाधित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कैसे तय होगी। किसान कांग्रेस ने समस्याओं के शीघ्र निराकरण के साथ विभागीय कार्रवाई की लिखित जानकारी देने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि किसानों की विद्युत संबंधी समस्याओं का संतोषजनक निराकरण नहीं किया गया, तो किसान कांग्रेस कार्यपालन यंत्री कार्यालय, सेंधवा में व्यापक स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगी।
ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी, महासचिव शोभाराम पटेल, सचिव गौतम मौरे, अधिवक्ता चेनु सिंह अछालिया, महामंत्री रमेश चौहान, विधानसभा अध्यक्ष खुमसिंह कनोजे, रामकोला सरपंच पाण्डु पटेल, झिरीजामली के सुरेश सेनानी, कामोदवाड़ा सरपंच करमसिंह डावर, धाबा के पूर्व सरपंच राधू देवरे, पिपल्यादेब सरपंच चतरसिंह अखाड़े, रेलवती सरपंच रूपला आर्या, धरमसिंह बर्डे, जितेंद्र कनोजे, छोटू जाधव और अतरसिंह डावर सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।



