सेंधवा के वनवासी श्रीराम आश्रम को 3 करोड़ की सौगात, अंतरसिंह आर्य के प्रयासों से मिली स्वीकृति
CSR योजना के तहत स्वीकृत राशि से आश्रम परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का होगा निर्माण।

जनोदय पंच। सेंधवा स्थित वनवासी श्रीराम आश्रम को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (JNPA) की CSR योजना के अंतर्गत 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य के प्रयासों से मिली इस राशि से आश्रम में सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण किया जाएगा।
CSR योजना के तहत मिली स्वीकृति
सेंधवा में वनवासी एवं जनजातीय समाज के उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने बताया कि जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (JNPA) ने पत्र क्रमांक JNPA/Admn/CSR/2026/520 दिनांक 08 जून 2026 के माध्यम से एडेंट सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली को 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत करने की जानकारी दी है। यह स्वीकृति भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के CSR दिशानिर्देश-2023 तथा कंपनी अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अनुरूप प्रदान की गई है।
अंतरसिंह आर्य के प्रयासों से मिली बड़ी सौगात
अग्रवाल के अनुसार राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य के विशेष अनुरोध एवं सतत प्रयासों के फलस्वरूप यह स्वीकृति प्राप्त हुई है। लंबे समय से वनवासी क्षेत्र में शिक्षा, संस्कार, आवासीय सुविधाओं तथा सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्वीकृति के बाद आश्रम परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे जनजातीय एवं वनवासी समाज के विद्यार्थियों, युवाओं तथा सामाजिक गतिविधियों को नया आधार मिलेगा।
चरणबद्ध राशि जारी होगी, परियोजना की होगी निगरानी
JNPA द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत राशि चरणबद्ध रूप से जारी की जाएगी तथा संगठन को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। परियोजना की नियमित निगरानी, त्रैमासिक प्रगति प्रतिवेदन, उपयोगिता प्रमाण-पत्र और अन्य औपचारिकताओं का पालन भी करना होगा। पूर्व में अंतरसिंह आर्य, JNPA के डिप्टी जनरल मैनेजर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावित छात्रावास निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने निर्माण स्थल का सर्वेक्षण कर आवश्यकताओं और सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की थी। आर्य ने कहा था कि इस पहल का उद्देश्य आदिवासी एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। आश्रम प्रबंधन सहित सामाजिक एवं जनजातीय संगठनों ने इस स्वीकृति का स्वागत करते हुए इसे वनवासी समाज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।



