दीक्षारंभ समारोह में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को मिला मार्गदर्शन, एनसीसी-एनएसएस से लेकर नई शिक्षा नीति तक दी विस्तृत जानकारी
वीर बलिदानी खाज्या नायक महाविद्यालय सेंधवा में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रहा विशेष फोकस

जनोदय पंच। सेंधवा। वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा में गुरुवार को दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया । प्राचार्य अध्यक्षता में यह समारोह उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन के साथ किया गया । नवप्रवेशी विद्यार्थी से सभी प्राध्यापकों ने अपना परिचय साझा किया गया ।
प्रो लेफ्टिनेंट संजय चौहान ने एनसीसी में एडमिशन कि क्या प्रकिया है । प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की क्या क्या गतिविधियां होती है । इससे कौन कौन से सर्टिफिकेट मिलते हैं उसके क्या फायदे हैं । इससे जुड़कर आप आर्मी , पुलिस में जा सकते हो । यह सभी विस्तार से बताया है । एन एस एस का परिचय प्रो सायसिंह अवास्या एंव प्रो मीतु मोतियानी ने देते हुए बताया विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास यह क्यों आवश्यक है । स्वामी विवेकानन्द केरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की सहायता से विद्यार्थी कैसे प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिता में सफल हो सकते हैं यह बात प्रो दीपक मरमट ने बताई ।

प्रो अरुण सेनानी ने युवा उत्सव के बारे में विद्यार्थियों को बताया कैसे नृत्य,संगीत सहित 19 विधाओ में भाग लेकर कैसे आप अपनी प्रतिभा को न सिर्फ निखार सकते हैं बल्कि अपना केरियर भी बना सकते हैं ।नई शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत मेजर , माइनर और बहुविषयक शिक्षा , क्रेडिट सिस्टम,कौशल विकास, इंटर्नशिप एंव रोजगार मुखी अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी डॉ मनोज तारे ने दी ।इस अवसर पर प्राचार्य डॉ जी एस वास्कले ने नवप्रवेशी विद्यार्थी से कहा कि हमारे महाविद्यालय में आपके भविष्य को चमकाने के लिए वे सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं।अब यह आपके ऊपर है कि उनका लाभ कैसे उठाया जाए।इस अवसर पर डॉ यशोदा चौहान, डॉ संतोषी अलावा, डॉ संतरा चौहान, डॉ संगीता परमार सहित प्राध्यापक एवं नवप्रवेशी विद्यार्थी उपस्थित थे ।दीक्षारंभ समारोह के पश्चात विद्यार्थियों को लाइब्रेरी, विभिन्न विषयों की प्रयोगशाला का भ्रमण भी करवाया गया ।

मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम
न्यायालय की मंशानुरूप एंव उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार नव प्रवेशित विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जिसके प्रभारी एंव संचालक डॉ जितेश्वर खरते विद्यार्थियों ने कहा इस प्रतिस्पर्धी दौर में मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। परीक्षा से लेकर केरियर सवारने तक तनाव का बोलबाला रहने वाला है ऐसे आपके के लिए आवश्यक है तनाव को मेनेज करना। केवल मार्कशीट के नम्बर ही सबकुछ नहीं होते हर व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा दबी-छुपी रहती है क्यों न आप उसे पहचानने और निखारने की कोशिश करें । मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आत्मबल मजबूत होना भी जरूरी है क्योंकि आत्महत्याएं की बढ़ती घटनाओं में आत्मबल की कमी भी एक कारण है ।



