बड़वानी; दीक्षारंभ कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थियों को योग, मानसिक स्वास्थ्य और नई शिक्षा प्रणाली का मिला मार्गदर्शन
शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में इंडक्शन कार्यक्रम के तहत पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और छात्र कल्याण योजनाओं से कराया गया परिचय

बड़वानी; आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में दीक्षारंभ और इंडक्शन कार्यक्रम के दूसरे दिवस विद्यार्थियों को अध्ययन कार्य में सहायता हेतु मार्गदर्शन और विषय से अवगत कराया। प्राचार्य डॉ.प्रमोद पंडित ने विद्यार्थियों को कहा कि आप अध्ययन कार्य में योग प्राणायाम को शामिल करे तो इससे आपकी गुणवत्ता में सुधार होगा और आप अध्ययन के तनाव को कम कर सकते हैं। आज के इंडक्शन कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में डॉ. लखन गांगले जिला चिकित्सालय से उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वातावरण को समावेशी और भेदभाव मुक्त बनाने के लिए जाति, भाषा, लिंग और सामाजिक पृष्ठभूमि पर आधारित भेदभाव को निषेध करते हुए संवैधानिक प्रावधानों से अवगत होना चाहिए, साथ ही विभिन्न संवैधानिक प्रावधानों और पाक्सो अधिनियम तथा विशाखा गाइडलाइंस की जानकारी भी दी गई। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाव हेतु महाविद्यालय में बनी समिति और एंटी रैगिंग से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उमंग 14425 टेली मानस- 14416,चाइल्ड केयर-1098, महिला सहायता181पुलिस सहायता 112 के हेल्पलाइन नंबर बताए। डॉ दिनेश पाटीदार ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की आधारभूत संरचना अनुशासन से अवगत कराया। मेजर, माइनर, एमडीसी, कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम और परियोजना कार्य और इंटर्नशिप के संबंध में जानकारी दी।

विज्ञान संकाय के डॉ. आकाश एसके ने विद्यार्थियों को प्रायोगिक कार्य की प्रक्रिया के विषय में बताया। इसके पश्चात महाविद्यालय का भ्रमण कराया। पुस्तकालय में डॉ प्रकाश वासके डॉ गीतांजलि ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधा अध्ययन हेतु उपलब्ध पुस्तकों के संदर्भ में जानकारी दी। प्रयोगशाला में डॉ. पूजा मंडलोई ने वनस्पति शास्त्र की प्रयोगशाला का भ्रमण कराया तथा रसायन शास्त्र में डॉ. ममता और डॉ. सपना भौंसले के द्वारा विभिन्न उपकरणों की जानकारी दी। जुलाजी लैब डॉ. रितेश भावसार के द्वारा दिखाकर विद्यार्थियों को अवगत कराया। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं के बारे में प्रभारी डॉ. सुनीता सोलंकी के द्वारा विस्तार से प्रक्रिया बताई गई।।





