सेंधवा महाविद्यालय में भारतीय शिक्षा दिवस पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के स्थापना दिवस का आयोजन

जनोदय पंच; सेंधवा। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का आठ दिवसीय स्थापना दिवस इस वर्ष 2 से 9 जुलाई तक ‘भारतीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस तारतम्य में यह कार्यक्रम वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा में बुधवार को आयोजित किया गया ।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ राहुल सूर्यवंशी ने संचालन करते हुए भारतीय संस्कृति उत्थान न्यास के संबंध में बताया कि हमारी शिक्षा का स्वरूप भारतीय दृष्टिकोण से अपनी अवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए । क्योंकि देश कि अधिकतर समस्याओं की जड़ देश की दोषपूर्ण शिक्षा व्यवस्था है। शिक्षा में आधारभूत परिवर्तन तथा देश की शिक्षा को एक विकल्प देने के प्रयास हेतु 2007 को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का गठन किया गया ।
डॉ महेश बाविस्कर ने कहा कि इस न्यास का प्रयास हमारी संस्कृति, ज्ञान परंपरा को बचाये और बनाएं रखना है उन्होंने इस बात को जोर देकर कहा प्राध्यापकों को भी भारतीय ज्ञान परंपरा की अवधारणा को अपने-अपने विषय में लानी चाहिए । डॉ मनोज तारे ने कहा कि हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा आज भी प्रासंगिक है उसे आगे बढ़ाने का काम हम सबके कंधों पर है ।नई शिक्षा नीति 2020 में हर विषय में एक एक इकाई भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित है ।जो उस परंपरा से हमें अवगत कराने के साथ उसे जीवंत भी बना रहा है । ऐसे सभी प्रयासों के सारथी बनना चाहिए । आभार डॉ जितेन्द्र साईखेडिया ने माना ।इस अवसर पर प्रो मीतु मोतियानी,प्रो संतोष पटेल,प्रो शुभम वर्मा,प्रो बलराम डूडवे,प्रो इरशाद मंसूरी,प्रो रानू पाटीदार,प्रो किशोर पवार सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।यह जानकारी डॉ विकास पंडित ने दी ।



