सेंधवा में NEET पेपर लीक के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग
पीजी कॉलेज से निकली रैली, एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार राहुल सोलंकी को सौंपा गया ज्ञापन

जनोदय पंच। सेंधवा में NEET परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार राहुल सोलंकी को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
पीजी कॉलेज से निकली विरोध रैली
सेंधवा में सोमवार को NEET परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र-छात्राओं एवं सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने पीजी कॉलेज से रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई किला गेट चौराहे तक पहुंची। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार राहुल सोलंकी को ज्ञापन सौंपा।

निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों से लाखों मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। साथ ही देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित कई मांगें
ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन भी व्यक्त किया। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, पेपर लीक के दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए कठोर कानून लागू करने की मांग रखी गई।

छात्रों और सामाजिक संगठनों की रही भागीदारी
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया। रैली के समापन पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राहुल सोलंकी को सौंपा गया, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया।




