बड़वानी में विज्ञान आधारित करियर पर जोर, डॉ. प्रमोद पंडित बोले- रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएँ
शासकीय आदर्श महाविद्यालय में कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम, विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अवसरों की दी जानकारी

बड़वानी। शासकीय आदर्श महाविद्यालय, बड़वानी में कार्यालय, निदेशक स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना, भोपाल के निर्देशानुसार स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के माध्यम से “विज्ञान अन्वेषण से रोजगार एवं स्वरोजगार में कैरियर मार्गदर्शन” विषय पर प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान एवं तकनीक का युग है। आज चिकित्सा, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, पर्यावरण, जैव प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स तथा डिजिटल तकनीकों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप कौशल विकसित करते हुए विज्ञान आधारित नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों में कौशल, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर विशेष बल देती है।

मुख्य वक्ता एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के संभागीय नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन चौबे ने कहा कि विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान की सोच है। उन्होंने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, ड्रोन तकनीक, स्टार्टअप, नवीकरणीय ऊर्जा तथा डिजिटल सेवाओं जैसे उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। साथ ही निरंतर सीखने और कौशल विकास को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के जिला नोडल डॉ. अनिल पाटीदार ने किया। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, उद्यमिता तथा व्यक्तित्व विकास के लिए भी तैयार करना है। इसी उद्देश्य से महाविद्यालय में नियमित रूप से कैरियर मार्गदर्शन एवं कौशल विकास संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच, नवाचार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया



