बड़वानी के नागलवाड़ी शिखरधाम में नागपंचमी और श्रावण मास की तैयारियों का प्रशासन ने किया संयुक्त निरीक्षण
सुरक्षा, यातायात, दर्शन व्यवस्था और जन-सुविधाओं को लेकर अधिकारियों ने मंदिर समिति के साथ की समीक्षा

जनोदय पंच। नागपंचमी पर्व और श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बड़वानी प्रशासन और पुलिस ने नागलवाड़ी शिखरधाम में संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर समिति के साथ बैठक कर सुरक्षा, यातायात, दर्शन व्यवस्था और जन-सुविधाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
नागपंचमी और कांवड़ यात्रा की तैयारियों का संयुक्त निरीक्षण
बड़वानी जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ नागलवाड़ी शिखरधाम (भिलट देव मंदिर) में आगामी नागपंचमी पर्व एवं पवित्र श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियों का जायजा लिया। सोमवार, 3 अगस्त 2026 को कलेक्टर जयति सिंह एवं पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के संयुक्त दल ने शिखरधाम पहुंचकर सुरक्षा, यातायात और जन-सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

अधिकारियों ने मंदिर समिति के साथ की व्यवस्थाओं की समीक्षा
निरीक्षण दल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, डिप्टी कलेक्टर आकाश यादव, एसडीएम (अनुभाग राजपुर) कुमार शानु देवडिया, एसडीओपी (सेंधवा) अजय वाघमारे, तहसीलदार (राजपुर) गणपतसिंह डावर तथा थाना प्रभारी (नागलवाड़ी) राम कुमार पाटिल शामिल रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंदिर के पुजारी राजेन्द्र बाबा एवं कोषाध्यक्ष बजरंग गोयल सहित मंदिर समिति के अन्य सदस्यों के साथ दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा मानकों पर बिंदुवार चर्चा की।
सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष फोकस
प्रशासन ने मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स की तैनाती की योजना बनाई है। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए अलग-अलग लेन, बैरिकेडिंग, लोहे की रेलिंग, गाइडिंग बोर्ड और सुरक्षा वॉलंटियर्स तैनात रहेंगे। प्रवेश एवं निकास मार्गों को एकतरफा रखा जाएगा। वाहनों की पार्किंग मंदिर परिसर से दूर सुरक्षित स्थानों पर होगी तथा यातायात दबाव कम करने के लिए बायपास मार्ग सक्रिय रहेंगे और पर्व अवधि में भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया जाएगा।
आपातकालीन योजना और नागरिक सुविधाओं की भी रहेगी व्यवस्था
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक निकासी मार्ग चिन्हित किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल, चलित शौचालय, 24 घंटे चिकित्सा शिविर, कंट्रोल रूम और जन-सूचना प्रसारण प्रणाली की व्यवस्था की जाएगी। स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगरीय निकाय की विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी। जिला प्रशासन एवं बड़वानी पुलिस ने कहा कि नागपंचमी पर्व और श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित, सुगम और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना उनका मुख्य उद्देश्य है।



