सेंधवा के झापड़ी पाड़ला में विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों पर बैठक, झापड़ी पाड़ला से छः गांव के लोग एकत्रित होकर रैली के रूप में सेंधवा जुलूस में शामिल होंगे
9 अगस्त के आयोजन की रूपरेखा पर मंथन, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर।

जनोदय पंच। सेंधवा के ग्राम पंचायत झापड़ी पाड़ला में विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न गांवों से समाजजन और युवाओं ने भाग लिया। आयोजन की रूपरेखा, जल, जंगल और जमीन के मुद्दों, सामाजिक सुधार तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 9 अगस्त को झापड़ी पाड़ला के आसपास के पांच से छह गांवों के लोग पहले झापड़ी पाड़ला में एकत्रित होंगे और वहां से रैली के रूप में सेंधवा पहुंचकर जुलूस में शामिल होंगे।
सेंधवा। आगामी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन की तैयारियों के तहत ग्राम पंचायत झापड़ी पाड़ला में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आयोजन को ऐतिहासिक, वैचारिक एवं व्यवस्थित रूप देना रहा। इसमें झापड़ी पाड़ला, पलाशपानी, राजगढ़, पिल्यागोई, पाजरिया तथा कामोद वाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन एवं युवा शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए जयस सेंधवा ब्लॉक अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) बड़वानी जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि 9 अगस्त का आयोजन आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों एवं अस्तित्व से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहेगा।

जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर रणनीति
बैठक में जल, जंगल और जमीन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। पारंपरिक भूमि से आदिवासियों की बेदखली के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए राहुल सोलंकी ने कहा कि इस विषय पर समाज को कानूनी एवं रणनीतिक स्तर पर संगठित करने की आवश्यकता है। बैठक में पेसा कानून (PESA Act) एवं वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने तथा सामुदायिक वन अधिकारों एवं व्यक्तिगत पट्टों के दावों को शासन के समक्ष रखने पर चर्चा हुई।
इसके साथ ही संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत प्राप्त अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा ग्राम सभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण का विरोध करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। भूमि संबंधी विवादों एवं बेदखली के मामलों में युवाओं और वकीलों की टीम के माध्यम से कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।

सामाजिक सुधार और सम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान
बैठक में समाज में व्याप्त दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों एवं फिजूलखर्ची को समाप्त करने के उद्देश्य से 9 अगस्त के मंच से ठोस निर्णय लेने पर सहमति बनी। इस अवसर पर शिवराम ठाकुर, छोटू जाधव, लक्की, मेंहताब ठाकुर, कांतिलाल सोलंकी, शांतिलाल तरोले, कृपाल दुदावे, कमल ठाकुर एवं सावन जाधव सहित क्षेत्र के अनेक समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं युवा उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में विधायक मोंटू सोलंकी एवं वरिष्ठजनों के आह्वान पर 9 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य महासम्मेलन में बड़ी संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई।



