जुलवानिया में विश्व आदिवासी दिवस पर जयस की भव्य रैली, सैकड़ों समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में हुए शामिल
कादवी फाटे से शुरू हुई बाइक रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होकर दशहरा मैदान पहुंची, सभा में अधिकारों पर चर्चा

जुलवानिया (बड़वानी)। विश्व आदिवासी दिवस के साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जुलवानिया में जयस संगठन के नेतृत्व में बाइक रैली, भव्य जुलूस और सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जुलवानिया, औझर और बालसमुद सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों समाजजन शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे कादवी फाटे से बाइक रैली के साथ हुई। रैली रूई, भोरवाड़ा, औझर और बालसमुद होते हुए नेशनल हाईवे से जुलवानिया के दशहरा मैदान पहुंची। यहां से आदिवासी सांस्कृतिक और पारंपरिक वेशभूषा में महिला, युवती और समाजजन बड़ी संख्या में रैली में शामिल हुए।
प्रमुख मार्गों से निकला भव्य जुलूस
दशहरा मैदान से शुरू हुआ जुलूस नगर के बिरसा मुंडा चौराहा, बस स्टैंड, गायत्री मंदिर चौराहा और पुलिस थाना होते हुए पुनः दशहरा मैदान पहुंचा। जुलूस में समाजजनों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल महिला, युवतियां और समाजजन कार्यक्रम का हिस्सा बने।
दशहरा मैदान में हुई सभा
जुलूस के बाद दशहरा मैदान में सभा का आयोजन किया गया। सभा का मंच संचालन जयस ब्लॉक अध्यक्ष रवि चौहान ने किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न विषयों और वर्तमान परिस्थितियों पर अपने विचार रखे।

जल, जंगल, जमीन और अधिकारों पर चर्चा
सभा में मनोज मुजाल्दे ने जल, जंगल और जमीन तथा वर्तमान परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं जनपद सदस्य सुनील सोलंकी, सुनील मोरे, सुरेश बरड़े, सुनील वर्मा और संतोष निगम सहित अन्य वक्ताओं ने संवैधानिक हक-अधिकारों और बढ़ते सामाजिक मुद्दों पर बात रखी।
जयस पदाधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में जयस संगठन के मनोज मुजाल्दे, रवि डावर, जयस मंडल अध्यक्ष पवन बघेल, उपाध्यक्ष सुनील कनोजे, महामंत्री निहाल सिंह भाबर, प्रभारी मनीष मुजाल्दे, महासचिव मुकेश डावर, कोषाध्यक्ष सुनील जमरे, जनपद सदस्य सुनील सोलंकी, अजय सिसोदिया, मगन अखाड़े, भारत जुगतिया, विनोद डावर, पप्पु उचवारे, सुरेश बरड़े, अनिल मंडलोई, पप्पु वास्कले, कुंदन अछाले, विकास रंधावे, करण बालके, जितेन्द्र वास्कले, आकाश कनोजे, अरविंद झिलले और राहुल असके सहित अन्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जुलवानिया, औझर और बालसमुद क्षेत्र से आए सैकड़ों समाजजनों ने सहभागिता की। विश्व आदिवासी दिवस के साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत आयोजित रैली और सभा में आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक मुद्दों से जुड़े विषय प्रमुख रहे।



