इंदौर भागीरथपुरा में जहरीले पानी को लेकर सियासी टकराव, सड़क पर आमने-सामने कांग्रेस-बीजेपी
दूषित पानी से मौतों के आंकड़ों को लेकर सरकार और जमीनी हकीकत में अंतर, भागीरथपुरा में तनावपूर्ण माहौल

जनोदय पंच इंदौर | इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से मौतों के मामले को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। क्षेत्र में कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई, हाईकोर्ट में रिपोर्ट और मौतों के आंकड़ों को लेकर स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से मौतों के मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों की ओर से जमकर नारेबाजी हुई। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने “बाहरी लोग वापस जाओ” के नारे लगाए, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “घंटा पार्टी मुर्दाबाद” के नारे लगाए। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए लगातार समझाइश दी। क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा।
दूषित पानी से मौतों की संख्या 16 पहुंची
इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या 16 हो गई है। हीरालाल (65) की मौत 31 दिसंबर को हुई थी। भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार हीरालाल नमक बुजुर्ग निवासी शीतल नगर लक्ष्मी नगर में किसी परिचित से मिलने आए थे, इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी। प्रारंभिक जानकारी में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। इससे पहले भी क्षेत्र से लगातार मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई
मौतों के मामले में राज्य सरकार ने शुक्रवार को इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को पद से हटा दिया। आईएएस क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी क्षेत्र में आक्रोश और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पर विवाद
शुक्रवार को ही राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की, जिसमें दूषित पानी से केवल 4 मौतों की पुष्टि की गई। यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई, जब मृतकों के परिजन और अस्पतालों के माध्यम से 15 मौतों की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी थी। अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित है। इससे पहले 1 जनवरी को हाईकोर्ट ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। 39 पेज की रिपोर्ट में बताया गया है कि सभी मृतकों की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी, जिनमें उर्मिला की मौत 28 दिसंबर, तारा (60) और नंदा (70) की 30 दिसंबर तथा हीरालाल (65) की 31 दिसंबर को हुई।



