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खंडवा में रिश्वतखोर पटवारी को 3 साल की सजा

जमीन बंटवारे और नामांतरण के एवज में रिश्वत मांगने के मामले में विशेष न्यायालय का निर्णय

जनोदय पंच। खंडवा में स्पेशल कोर्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने जमीन बंटवारे और नामांतरण के एवज में रिश्वत मांगने वाले पटवारी चिंताराम पटेल को तीन साल की सजा सुनाई। आरोपी को 25 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया। लोकायुक्त ने उसे 5 हजार लेते रंगे हाथों पकड़ा था।


जमीन बंटवारे के नाम पर मांगी रिश्वत

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके के अनुसार ग्राम जामलीकलां निवासी राकेश सिंह मोर्य की जमीन उनके पिता के नाम पर थी। पिता जमीन का बंटवारा दोनों बेटों के नाम करना चाहते थे। इसके लिए पंधाना के लोकसेवा केंद्र में बंटवारा, नामांतरण और पावती के लिए आवेदन दिया गया। हल्का नंबर 50 के पटवारी चिंताराम पटेल (50 वर्ष, निवासी ग्राम बोरगांव खुर्द) ने इस काम को जल्दी कराने के नाम पर 10 हजार रुपए की मांग की।

“साहब अच्छे आए हैं, फटाफट काम कर देंगे”

आवेदन के बाद चिंताराम पटेल शिकायतकर्ता के घर पहुंचा और पैसों की मांग करते हुए कहा, “साहब अच्छे आए हैं, फटाफट काम कर देंगे।” शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई कि नामांतरण और पावती के लिए कोई सरकारी शुल्क नहीं लगता, लेकिन आरोपी ने स्पष्ट कहा कि बिना पैसे काम नहीं होगा। वह 2500 रुपए पहले ही ले चुका था और शेष 7500 रुपए की मांग कर रहा था।

लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई में गिरफ्तारी

राकेश सिंह मोर्य रिश्वत नहीं देना चाहते थे। उन्होंने 20 सितंबर 2021 को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश सहाय के निर्देशन में निरीक्षक सुनील उईके को जांच सौंपी गई। सत्यापन के बाद 27 सितंबर 2021 को लोकायुक्त टीम ने ग्राम जामली कला में कोहदड़ रोड स्थित श्रद्धा ट्रेडर्स के पास ट्रैप कार्रवाई की और चिंताराम पटेल को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला

विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त ने प्रकरण दर्ज कर जांच पूरी कर विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। लोकायुक्त की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार पटेल ने पैरवी की। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर स्पेशल कोर्ट ने चिंताराम पटेल को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

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