सेंधवा

सेंधवा के खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में साइबर जागरूकता पर प्रश्नोत्तरी

भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की पहल, राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को साइबर अपराध और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया

सेंधवा, जनोदय पंच। वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर प्रश्नमंच प्रतियोगिता आयोजित की गई। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के स्थापना दिवस पर हर वर्ष 4 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 में “राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस” का विषय “सुरक्षा बढ़ाने के लिए लोगों को शामिल करना, शिक्षित करना” रखा गया है। यह विषय भारत को विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने के महत्व पर जोर देता है।

साइबर अपराध के प्रकार और सावधानियां

साइबर अपराध एक ऐसा अपराध है, जिसमें कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क शामिल होते हैं। इसके अंतर्गत किसी की निजी जानकारी को प्राप्त करना और उसका गलत इस्तेमाल करना शामिल है। किसी की भी निजी जानकारी को कंप्यूटर से निकाल लेना या चोरी कर लेना भी साइबर अपराध है।

साइबर अपराध कई प्रकार से किए जाते हैं, जैसे स्पैम ईमेल, हैकिंग, फिशिंग, वायरस डालना, किसी की जानकारी को ऑनलाइन प्राप्त करना या किसी पर लगातार नजर रखना। स्पैम ईमेल के माध्यम से कई बार ऐसे ईमेल आते हैं जो कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाते हैं और पूरे सिस्टम में खराबी उत्पन्न कर देते हैं। हैकिंग के जरिए उपयोगकर्ता नाम या पासवर्ड जैसी निजी जानकारी प्राप्त कर उसमें फेरबदल किया जाता है। कॉल मर्ज करने की प्रक्रिया भी साइबर फ्रॉड का एक जरिया है।

साइबर फिशिंग के तहत स्पैम ईमेल भेजकर लोगों से उनकी निजी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। ऐसे ईमेल अक्सर आकर्षक होते हैं और अधिक पैसे या लाभ कमाने का लालच देकर भेजे जाते हैं, जैसे .apk फार्मेट की लिंक। ऐसी अज्ञात स्रोत की लिंक पर कभी क्लिक नहीं करना चाहिए। फर्जी बैंक कॉल के माध्यम से जाली ईमेल, मैसेज या फोन कॉल कर एटीएम नंबर, पासवर्ड या ओटीपी जैसी जानकारी मांगी जाती है। ध्यान रखें कि किसी भी बैंक द्वारा इस प्रकार की जानकारी कभी नहीं मांगी जाती।

सोशल नेटवर्किंग साइटों पर अफवाह फैलाना भी साइबर अपराध और साइबर आतंकवाद की श्रेणी में आता है। डिजिटल अरेस्ट भी साइबर ठगी का एक तरीका है, जिसमें ठग खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का झांसा देते हैं और ऑनलाइन बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं। डिजिटल अरेस्ट जैसी किसी प्रक्रिया का कानूनी तौर पर कोई आधार नहीं होता। साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 उपलब्ध है।

प्रश्नमंच प्रतियोगिता के परिणाम

राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से संबंधित उक्त जानकारी के आधार पर प्रश्नमंच प्रतियोगिता आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित की गई।

प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. महेश बाविस्कर, डॉ. मनोज ने बताया कि साझा की गई जानकारी पर आधारित प्रश्नोत्तरी में समान अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर मिताली शर्मा, प्रमिला ओहरिया, चेतन महाजन रहे। द्वितीय स्थान निखिल शिंदे, अजीमा, शबनम मंसूरी ने प्राप्त किया तथा तृतीय स्थान पर गंगाराम रावतले रहे।

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