मनमाड–इंदौर रेल परियोजना: सेंधवा क्षेत्र के 11 गांवों के 479 किसानों की भूमि अधिग्रहित, दावे-आपत्ति के लिए प्रशासन ने दिया समय

सेंधवा। बहुप्रतीक्षित मनमाड–इंदौर रेल मार्ग परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। रेलवे विभाग द्वारा 8 मार्च को सेंधवा अनुभाग की अधिग्रहण सूची रेल्वे ने जारी की , जिसमें मालवण सोलवन से जामली तक कुल 11 गांवों के 479 किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है।
मनमाड–इंदौर रेलवे संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने बताया कि अधिग्रहण की कार्रवाई महाराष्ट्र सीमा से लगे ग्राम मालवण सोलवन से प्रारंभ हुई, जिसमें गांववार निम्नानुसार भूमि शामिल की गई है —
गांववार अधिग्रहित भूमि (किसानों के नाम अनुसार)
ग्राम मालवण सोलवन —
विश्वनाथ पिता पूना, खसरा नंबर 16 से प्रारंभ होकर भावसिंह पिता सज्जनसिंह, खसरा नंबर 340 तक कुल 54 किसान।
ग्राम मालवण —
हद्दू पिता मुंगा, खसरा नंबर 95 से महारू पिता ओंकार तक कुल 42 किसान।
ग्राम भामनिया —
रामलाल मुवास्या, खसरा नंबर 16 से अंकर पिता नरस्या तक कुल 44 किसान।
ग्राम बाबदड़ —
रेमसिंह पिता वेस्ता से महाया पिता सुंदर तक कुल 22 किसान।
ग्राम अंजनगांव —
बढ़ा पिता धनसिंह, खसरा नंबर 103 से परसराम पिता वेक्सिंग तक कुल 74 किसान।
ग्राम छोटा जुलवानिया —
जकारिया अब्दुल से कुसुम बेवा नरेंद्र तक कुल 31 किसान।
ग्राम नवलपुरा —
अमर सिंह पिता दित्या, खसरा नंबर 130 से धरमसिंह निकला, खसरा नंबर 1/10 तक कुल 55 किसान।
ग्राम बनिहार —
वेस्ता पिता धनसिंह आर्य, खसरा नंबर 43 से सरदार रामसिंह तक कुल 36 किसान।
इसी क्षेत्र में गप्पी के ढाबे के पीछे एवं राम श्याम सोनी के खेतों के बीच प्रस्तावित रेलवे स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है।
ग्राम गोई —
वाकी सुभाष जतन से दामोदर पिता हनुमान तक कुल 50 किसान।
ग्राम कलालदा —
केसीआर कमोडिटीज़, करण पिता भूपेंद्र से रीमा पिता रुपसिंह तक कुल 40 किसान।
ग्राम जामली —
हरी पिता भंगड़ा से बद्दुआ पिता धनसिंह तक कुल 32 किसान।
दावे-आपत्ति के लिए निर्देश
प्रशासन ने प्रभावित किसानों को निर्धारित समय सीमा में अनुविभागीय कार्यालय सेंधवा में दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिग्रहण प्रक्रिया पूर्ण होने एवं मुआवजा वितरण के बाद रेलवे पटरी निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
वर्तमान में अधिग्रहित क्षेत्र में भूमि क्रय-विक्रय (रजिस्ट्रेशन) पर प्रतिबंध लागू है, जिसे लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी!



