धामनोद में महाराणा प्रताप जयंती पर शौर्य और स्वाभिमान का संदेश, युवाओं को राष्ट्रभक्ति के लिए किया प्रेरित
करणी सेना के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष और वीरता को किया याद

जनोदय पंच। धार जिले के धामनोद स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह की जयंती उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाजजनों और युवाओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
करणी सेना के नेतृत्व में हुआ आयोजन
धामनोद की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में महाराणा प्रताप जयंती का आयोजन करणी सेना के जिला अध्यक्ष विशाल मंडलोई की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके पराक्रम और वीरता को नमन किया गया। बड़ी संख्या में समाजजन और युवा कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
संघर्ष और स्वाभिमान को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज नहार ने महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष, वीरता और देशभक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने मातृभूमि मेवाड़ की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए पूरा जीवन संघर्ष में समर्पित कर दिया। उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय जंगलों में रहना और घास की रोटियां खाना स्वीकार किया, लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं किया।
युवाओं को दिया एकजुटता का संदेश
मनोज नहार ने हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1576 में महाराणा प्रताप ने सीमित संसाधनों के बावजूद मुगलों का डटकर सामना किया। उनके प्रिय घोड़े चेतक की वीरता और निष्ठा भी इतिहास में अमर है। कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्रभक्ति, समाज सेवा और सामाजिक एकता के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही समाजजनों से एकजुट होकर सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करने का संदेश दिया गया।



