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सेंधवा के ग्राम गोई में अंतिम संस्कार शेड नहीं होने से ग्रामीण नाराज, पंचायत पर उपेक्षा के आरोप

अंतिम संस्कार के दौरान धूप में परेशान हुए ग्रामीण, वर्षों से लंबित मांग को लेकर पंचायत और प्रशासन से कार्रवाई की अपील।

जनोदय पंच। सेंधवा क्षेत्र के ग्राम गोई में गोई नदी तट पर घाट और अंतिम संस्कार शेड निर्माण की मांग फिर तेज हो गई है। हाल ही में अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामवासियों ने पंचायत पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शीघ्र स्थायी व्यवस्था की मांग की है।

अंतिम संस्कार के दौरान सामने आई परेशानी

सेंधवा क्षेत्र के ग्राम गोई में गोई नदी तट पर घाट एवं अंतिम संस्कार हेतु शेड निर्माण की मांग एक बार फिर उठने लगी है। हाल ही में शर्मा परिवार की पुत्रवधू के अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नदी तट पर तेज धूप से बचने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते टेंट लगाकर छांव की व्यवस्था करनी पड़ी। इसके बाद ग्रामवासियों ने भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल के समक्ष नाराजगी व्यक्त की।

पंचायत पर उपेक्षा का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से नदी तट पर अंतिम संस्कार किए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक घाट और अंतिम संस्कार शेड का निर्माण नहीं कराया गया। जबकि शासन द्वारा अधिकांश पंचायतों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गोई नदी होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे लोगों को धूप, बारिश और विपरीत परिस्थितियों में खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। करीब 20 वर्ष पूर्व सेंधवा की ओर नदी के दूसरे किनारे पर अंतिम संस्कार शेड बनाया गया था, लेकिन मान्यता के कारण शव को नदी पार ले जाकर अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, जिससे वह स्थान अनुपयोगी बना हुआ है।

ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग

ग्राम गोई के पूर्व उपसरपंच दिनेश स्वामी, सत्यनारायण यादव और शंकर शर्मा ने बताया कि घाट निर्माण और अंतिम संस्कार शेड की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन पंचायत गंभीरता नहीं दिखा रही। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पंचायतों को अंतिम संस्कार शेड निर्माण के लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी। ऐसे में ग्राम गोई पंचायत को राशि क्यों नहीं मिली, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत से शीघ्र घाट निर्माण तथा स्थायी शेड बनवाने की मांग की है।

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