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सेंधवा-बड़वानी स्टेट हाईवे पर फिर शुरू हुआ मरम्मत कार्य, लगातार शिकायतों के बाद सक्रिय हुआ विभाग

एमपीआरडीसी ने 30 मई से पुनः प्रारंभ कराया मरम्मत कार्य, नियमित संधारण और नवीनीकरण के लिए प्रक्रिया भी आगे बढ़ी

जनोदय पंच। सेंधवा-व्हाया पलसुद-बड़वानी स्टेट हाईवे क्रमांक 39 के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर 30 मई से पुनः मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। लगातार शिकायतों और विभागीय कार्रवाई के बाद एमपीआरडीसी ने सड़क सुधार कार्य प्रारंभ कराया है, जबकि 5.47 करोड़ रुपये की निविदाएं भी खोली जा चुकी हैं।

लगातार शिकायतों के बाद शुरू हुआ सड़क सुधार कार्य

सेंधवा। टोल प्लस एन्युटी योजनांतर्गत निर्मित सेंधवा से व्हाया पलसुद बड़वानी स्टेट हाईवे क्रमांक 39 के क्षतिग्रस्त हिस्सों का पुनः मरम्मत कार्य एमपीआरडीसी द्वारा 30 मई से सेंधवा के दोंदवाड़ा साइड की ओर से प्रारंभ कर दिया गया है। साथ ही मार्ग के नियमित रखरखाव एवं नवीनीकरण कार्य के लिए 5.47 करोड़ रुपये की जिन निविदाओं को आमंत्रित किया गया था, वे भी खोली जा चुकी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन ने बताया कि पिछले चार माह से वे मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री, प्रबंध संचालक, मुख्य अभियन्ता म.प्र. सड़क विकास निगम तथा कलेक्टर बड़वानी को पत्र भेजकर सड़क की बदहाल स्थिति से अवगत करा रहे थे। उनके अनुसार 57 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जबकि टोल वसूली के बावजूद अनुबंध के अनुसार रखरखाव नहीं किया जा रहा था, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई थी।

टोल वसूली निलंबित होने के बाद भी बनी रही समस्या

बी.एल. जैन ने बताया कि लगातार शिकायतों के बाद म.प्र. सड़क विकास निगम के मुख्य अभियंता (बीओटी) सुनील वर्मा द्वारा 24 मार्च को कंसेशनायर को सूचना पत्र जारी किया गया था। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से कंसेशनायर की टोल वसूली निलंबित कर एमपीआरडीसी ने टोल अपने आधिपत्य में ले लिया था। टोल आधिपत्य में लेने के 15 दिन बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने पर उन्होंने पुनः शिकायत भेजी थी। शिकायत के बाद 22 अप्रैल से बड़वानी से सिलावद के बीच तीन दिन तक मरम्मत कार्य हुआ, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया।

76 लाख के कार्यादेश के बाद ठेकेदार ने फिर शुरू किया काम

बी.एल. जैन ने बताया कि उन्होंने प्रदेश शासन के समक्ष पुनः शिकायत दर्ज कराई थी कि अतिआवश्यक मरम्मत कार्य के लिए 76 लाख रुपये तथा नियमित रखरखाव के लिए 5.47 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति होने के बावजूद कार्य अधूरा क्यों छोड़ दिया गया। इसके बाद विभाग ने 8 मई को संबंधित ठेकेदार को 76 लाख रुपये के संधारण कार्य का कार्यादेश जारी किया। वहीं 20 मई को सूचना पत्र जारी कर कार्य प्रारंभ नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों की शिकायतों तथा कलेक्टर बड़वानी की नाराजगी का उल्लेख करते हुए तत्काल मरम्मत शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसी के परिपालन में ठेकेदार ने 30 मई से सेंधवा साइड के दोंदवाड़ा हिस्से से पुनः मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया है। साथ ही 5.47 करोड़ रुपये की निविदाएं भी मुख्य अभियंता कार्यालय द्वारा खोली जा चुकी हैं। विभागीय प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इनके कार्यादेश जारी होने की संभावना है। बी.एल. जैन ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि इसी सप्ताह मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे मार्ग पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों को राहत मिलेगी।

 

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