सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में जुटी बड़वानी पुलिस, 38 अधिकारी-कर्मचारियों को दिया विशेष प्रशिक्षण
जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षण का 13वां सत्र आयोजित, भीड़ नियंत्रण, यातायात, महिला सुरक्षा और प्रभावी संवाद पर दिया जोर

बड़वानी। वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से बड़वानी पुलिस की तैयारियां जारी हैं। इसी क्रम में 5 अक्टूबर 2026 को जिला मुख्यालय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का 13वां सत्र आयोजित किया गया। इसमें 38 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पुलिस बल को किया जा रहा तैयार
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में बड़वानी पुलिस द्वारा सिंहस्थ महापर्व को लेकर पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़वानी प्रमुख प्रवेश मार्गों में से एक रहेगा। इसे देखते हुए पुलिस बल को सेवाभाव, संवेदनशीलता, अनुशासन और प्रभावी पुलिसिंग के लिए तैयार किया जा रहा है।

भीड़ और यातायात प्रबंधन समेत इन विषयों पर प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्र में भीड़ नियंत्रण एवं वीआईपी प्रबंधन, यातायात एवं आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सॉफ्ट स्किल्स एवं प्रभावी संवाद जैसे विषय शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुगम आवागमन सुनिश्चित करने और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया।
38 अधिकारी-कर्मचारी बनेंगे मास्टर ट्रेनर
प्रशिक्षण कार्यक्रम Training of Trainers (TOT) मॉडल पर आधारित है। वर्तमान सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 38 अधिकारी एवं कर्मचारी आगामी समय में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। ये मास्टर ट्रेनर निर्धारित प्रशिक्षण कैलेंडर के अनुसार जिले के पुलिस बल को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देंगे।

अधिकारियों ने सेवाभाव और सजगता पर दिया जोर
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षा का अवसर है। उन्होंने पुलिस बल में सेवाभाव, संवेदनशीलता, सहनशीलता और अनुशासन पर जोर दिया। प्रशिक्षण सत्र में रक्षित निरीक्षक गजेंद्र निगवाल, सूबेदार अलका वास्केल सहित पुलिस अधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को सजगता और सेवाभाव के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।



