अंजड; महाराष्ट्र से भटककर अंजड पहुंचा युवक, समाजसेवियों ने परिवार से मिलाया इकलौते बेटे की घर वापसी पर छलके पिता और चाचा के आंसू
कोल्हापुर जिले के वायफले से भटककर अंजड पहुंचा मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति समाजसेवी संस्था ने परिवार से संंपर्क कर पहुंचाया घर

अंजड; अपने घर से भटककर 850 किलोमीटर दूर पहुंचे मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को नगर की समाजसेवी संस्था ने परिवार से मिलाया है,
दरअसल समर्पण सेवा संस्था द्वारा अपने घर कोल्हापुर के ग्राम वायफले थाना तासगांव से भटककर 850 किलोमीटर दूर पहुंचा एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति आखिरकार अपने परिवार से मिल गया।
मानवीय संवेदनाओं और अथक प्रयासों की बदौलत समाजसेवी संस्था ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस व्यक्ति की पहचान कर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया।

जानकारी के अनुसार गणेश तावड़े 1 जून से दवाईयां लेने के अपने घर से लापता हो गया था और भटकते हुए कोल्हापुर से गलत ट्रैन में बैठक भोपाल और वहां से पैदल इंदौर और फिर अंजड तक पैदल-पैदल चलते हुए दूसरे राज्य में पहुंच गया था। गणेश तावड़े की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपने बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। समाजसेवी संस्था के सतीश परिहार ने उसकी देखभाल की, आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई और लगातार प्रयास करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से उसके परिवार का पता लगाया।
परिजनों से संपर्क होने के बाद संस्था ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर व्यक्ति को सुरक्षित उसके 17 दिनों बाद पिता पांडुरंग तावड़े और चाचा वसंत तावड़े के सुपुर्द कर दिया।
17 दिनों के बाद अपने इकलौते बेटे को सामने देखकर पिता और चाचा की आंखें नम हो गईं और उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
इस पुनित कार्य में संस्था के अजरूद्दीन मंसुरी, देवेंद्र यादव, राजू प्रजापत, विशाल अग्रवाल, आशा आश्रय ट्रस्ट के डाक्टर चक्रेश पहाडीया, समाधान पाटील का सहयोग रहा है।



