सेंधवा के आछली गांव में जनसहयोग और श्रमदान से युवाओं ने 600 मीटर जर्जर सड़क की कराई मरम्मत
वारती फलिया का मुख्य मार्ग से आवागमन हुआ सुगम, ग्रामीणों ने स्थायी पक्की सड़क निर्माण की मांग दोहराई

जनोदय पंच। सेंधवा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत आछली के वारती फलिया में युवाओं और ग्रामीणों ने जनसहयोग व श्रमदान से 600 मीटर जर्जर कच्ची सड़क की मरम्मत कर आवागमन सुगम बनाया। ग्रामीणों ने इसे अस्थायी समाधान बताते हुए प्रशासन से शीघ्र पक्की सड़क निर्माण की मांग की है।
सेंधवा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत आछली के वारती फलिया में लंबे समय से जर्जर कच्ची सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और गहरे गड्ढे बनने से फलिया का मुख्य मार्ग से संपर्क लगभग कट जाता था। दोपहिया वाहनों का आवागमन भी कठिन हो जाता था, जबकि चारपहिया वाहन फलिया तक पहुंच नहीं पाते थे। इसका सीधा असर मरीजों, विद्यार्थियों और अन्य ग्रामीणों के दैनिक आवागमन पर पड़ रहा था।

जनसहयोग से जुटाई राशि, श्रमदान से सुधारा मार्ग
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण की मांग कई बार ग्राम पंचायत और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद वारती फलिया के युवाओं और ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए जनसहयोग से राशि एकत्रित की। एकत्रित राशि से जेसीबी मशीन द्वारा सड़क को समतल कराया गया। इसके बाद ट्रैक्टरों से मलबा डालकर गड्ढों को भरा गया। सड़क को उपयोगी बनाने के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से श्रमदान भी किया, जिससे लगभग 600 मीटर जर्जर मार्ग की मरम्मत पूरी की गई।

15 से 20 हजार रुपये की लागत से हुआ कार्य
ग्रामीण रामेश्वर तरोले, इनेश बरडे, धरमसिंह बरडे, राजा बरडे और छगन बरडे ने बताया कि सड़क की मरम्मत पर लगभग 15 से 20 हजार रुपये का खर्च आया। यह राशि फलिया के सभी लोगों ने मिलकर एकत्रित की। उन्होंने बताया कि सभी ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग के साथ श्रमदान भी किया, जिससे सड़क को दोबारा आवागमन योग्य बनाया जा सका।
स्थायी समाधान के लिए पक्की सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में किया गया कार्य केवल अस्थायी व्यवस्था है। उनका कहना है कि वारती फलिया को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क का स्थायी समाधान पक्की सड़क के निर्माण से ही संभव है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वारती फलिया तक जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षा ऋतु में आवागमन प्रभावित न हो।



