सेंधवाधर्म-ज्योतिष, समाज

सेंधवा में अग्रसेन जयंती महोत्सव का भव्य शुभारंभ, भोजशाला से माता सरस्वती की प्रतिमा भारत लाने के प्रयासों पर बोले आशीष गोयल

वरिष्ठ समाजजनों का सम्मान, बच्चों की प्रस्तुतियों, महिला मंडल के हास्य कार्यक्रम और विभिन्न प्रांतों के व्यंजनों की प्रतियोगिता ने आयोजन को बनाया आकर्षक

जनोदय पंच। सेंधवा में अग्रवाल समाज के तीन दिवसीय महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव का उत्साह के साथ शुभारंभ हुआ। आयोजन में वरिष्ठ समाजजनों का सम्मान किया गया। बच्चों की प्रस्तुतियों, महिला मंडल के हास्य कार्यक्रम और व्यंजन प्रतियोगिता ने आकर्षण बढ़ाया। मुख्य अतिथि ने भोजशाला से माता सरस्वती की प्रतिमा भारत लाने के प्रयासों का उल्लेख किया।

भोजशाला से माता सरस्वती की प्रतिमा भारत लाने के लिए मिलकर संघर्ष

समारोह के मुख्य अतिथि धार के वरिष्ठ समाजसेवी और भोजशाला प्रकरण में न्यायालय में याचिका दायर करने वाले आशीष गोयल ने भोजशाला से जुड़े मामले पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने हिंदू पक्ष को सप्ताह के सातों दिन नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार दिया है।

आशीष गोयल ने बताया कि वर्ष 1875 में भोजशाला में हुई खुदाई के दौरान माता सरस्वती की प्रतिमा मिली थी। उनके अनुसार, वर्ष 1880 में एक अंग्रेज अधिकारी प्रतिमा को लंदन ले गया था, जो आज भी ब्रिटिश म्यूजियम में होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि माता सरस्वती की प्रतिमा को भारत वापस लाने के लिए सभी मिलकर संघर्ष कर रहे हैं।

गोयल ने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों से जुड़ी रहें।

75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठजनों का सम्मान

अग्रवाल समाज के सुनील अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ समाजजनों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान वरिष्ठजनों से आशीर्वाद लिया गया और समाज के प्रति उनके अनुभवों एवं योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की गई। सम्मान समारोह में वरिष्ठजनों के परिजन भी उपस्थित रहे।

कैलाश एरन और किरण तायल ने सामाजिक एकजुटता पर रखे विचार

स्वागत भाषण में अग्रवाल समाज न्यास के अध्यक्ष कैलाश एरन ने अतिथियों और समाजबंधुओं का स्वागत किया। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा और सामाजिक एकजुटता के महत्व पर विचार रखे।

अग्रवाल समाज महिला मंडल की संरक्षक किरण तायल ने समाज के आयोजनों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी तथा पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अंजनी माता और हनुमान के स्वरूप में सजे बच्चे

कार्यक्रम में बच्चों के लिए आयोजित ‘अंजनी माता व हनुमान बनकर आओ’ प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। नन्हे-मुन्ने बच्चे अंजनी माता और हनुमान के स्वरूप में सजकर शामिल हुए। उनकी वेशभूषा और प्रस्तुतियों ने उपस्थित समाजबंधुओं का मन मोह लिया।

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की तर्ज पर हास्य कार्यक्रम

अग्रवाल समाज महिला मंडल एवं बहू-बेटी मंडल ने लोकप्रिय धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की तर्ज पर हास्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कलाकारों ने अभिनय और संवादों के माध्यम से लोगों को गुदगुदाया। पारिवारिक जीवन और सामाजिक परिवेश से जुड़े प्रसंगों की मनोरंजक प्रस्तुति का दर्शकों ने आनंद लिया।

फूड जोन में विभिन्न प्रांतों के व्यंजनों की प्रतियोगिता

तीन दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत फूड जोन में भारत के विभिन्न प्रांतों के व्यंजन तैयार करने की प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें देश की विविध खानपान परंपराओं और स्वादों को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। आयोजन के दौरान बंपर ड्रॉ भी निकाला गया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

ये समाजबंधु रहे उपस्थित

कार्यक्रम में अग्रवाल समाज के राजेंद्र नरेडी, कैलाश एरन, दीपक गर्ग, सुशील चौमूवाला, संजय गोयल, राजकुमार मंगल, विजेंद्र गोयल, मुकेश अग्रवाल, अर्पित तायल, मुकेश मित्तल, किरण तायल, मीना गर्ग, रितु गोयल, रजनी तायल, श्यामसुंदर तायल, गिरधारी गोयल और हेमंत गर्ग सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!