सेंधवा; फूलों और चंदन के तिलक से नेहरू स्कूल के

सेंधवा। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर स्कूलों के पहले दिन बच्चों का फूलों, चंदन के तिलक साथ मनमोहक भव्य स्वागत किया गया। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों में छात्रों की चहल-पहल और उत्साह देखने को मिला। सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर मूर्ति का पूजन किया। उसके पश्चात प्रवेशित विद्यार्थियों को तिलक लगा कर पेन पेंसिल ओर हँसमुख इमोजी देकर सदैव प्रसन्न रहने की प्रेरणा दी गई।
संस्था अध्यक्ष रविंद्र सिंह मंडलोई ने छात्रों को नए सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि छोटे बच्चों के लिए यह एक भावनात्मक क्षण है, आप पहली बार या लंबी छुट्टियों के बाद स्कूल में कदम रख रहे हो। उन्होंने पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास के साथ मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया।
संस्था प्राचार्य राहुल मंडलोई ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नया सत्र नई उमंग और उत्साह लेकर आता है इसलिए विद्यार्थियों को आज इस दिन नए लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए साथ ही अनुशासित रह कर नियमित रूप से विद्यालय आना चाहिए।
हिंदी माध्यम के प्राचार्य हेमन्त खेड़े ने कहा कि आपका सफ़र पेंसिल से प्रारम्भ होकर पेन तक पहुंचा है जिसमें आप आपकी गलतियों को मिटा नहीं पाते है। इस कलम के माध्यम से आप अपना भविष्य लिखे ओर कठोर परिश्रम करे, क्योंकि परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में आपकी सफलता का आधार बनेगी।
उप प्राचार्य देवेन्द्र कानूनगो ने कहा कि ज्ञान अर्जित करने के साथ साथ संस्कारवान बने, देश के निर्माण में अपना अपेक्षित योगदान दे।
इस उपलक्ष्य पर पूर्व अध्यक्ष पीरचंद मित्तल, बी एल जैन, दिलीप कानूनगो, उपाध्यक्ष शैलेष कुमार जोशी, सचिव अशोक कुमार सकलेचा, कोषाध्यक्ष दीपक लालका ,सह सचिव मनोज कानूनगो तथा समस्त सदस्य व शिक्षक- शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को नए सत्र की बधाई दी



